नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । देश भर में मानसून का कहर जारी है। जम्मू से लेकर मुंबई, महाराष्ट्र तक लगातार बारिश का दौर जारी है। बीते दिनों से लगातार बारिश के चलते मुंबई के लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मुंबई में 8 घंटों के दौरान 177 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई जिसके बाद सड़कों पर जलजमाव भर गया है। रोड पर गाड़ियां रेंगती नजर आई और लोग घरों में कैद हैं।
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई, ठाणे, पालघर और नवी मुंबई के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव की स्थिति हो गई है। वही, IMD ने ठाणे और पालघर जिलों में 17-21 अगस्त के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके चलते स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आगामी समय के लिए प्रशासन को सतर्क रहने के आदेश दिए हैं। अब तक विभिन्न घटनाओं में 7 लोगों की मौत हो चुकी है, तो वही, नांदेड़ जिले में 200 से अधिक लोग फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए सेना को बुलाना पड़ा।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अभी भी भारी बारिश को लेकर अलर्ट किया गया है। मौसम विभाग ने बताया कि राज्य में 17 से 21 अगस्त तक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। राज्य में बारिश के चलते कोंकण में कुछ नदियां खतरे के निशान को पार कर गई हैं। जलगांव में नुकसान अधिक है।
भूस्खलन और बचाव अभियान
झमाझम बारिश से मुंबई के अंधेरी और बोरीवली में मात्र 3 घंटों में 50 मिमी से अधिक बारिश हुई है। वही, बोरीवली से चर्चगेट तक के कुछ इलाकों में अगले कुछ घंटों में बारिश और तेज होने की संभावना जताई गई है। कई जगहों पर बारिश के चलते भूस्खलन की घटना सामने आई है। जिसके बाद जिला प्रशासन, सेना और एनडीआरएफ की टीमों को मौके पर लगाया है। फिलहाल, बचाव कार्य जारी है।
राज्य के कई इलाकों में फसल बर्बाद
सीएम फडणवीस ने मंत्रालय स्थित आपातकालीन केंद्र से हालात की समीक्षा की है। बताया गया है कि रत्नागिरी, रायगढ़ और हिंगोली जिलों में भी भारी बारिश हुई है। विदर्भ क्षेत्र में लगभग दो लाख हेक्टेयर से अधिक फसल बर्बाद हुई और 800 गांव प्रभावित हुए।
उन्होंने कहा कि अगले 10–12 घंटे बेहद अहम हैं और स्थानीय निकायों को छुट्टियां घोषित करने का अधिकार दिया गया है। मराठवाड़ा क्षेत्र में पिछले 5 दिनों में छह लोगों की मौत और 205 पशुधन की हानि जानकारी सामने आई है।
आदित्य ठाकरे ने BMC पर उठाए सवाल
वही, मुंबई और राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश के चलते बीएमसी की पोल खुल गई है। राज्य में जलभराव के बीच शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने बीएमसी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक घोटाले के चलते मुंबई की सड़कों की हालत खराब है और बारिश में जनता परेशान हो रही है।
शिवसेना विधायक आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि चुनाव न होने की वजह से तीन साल से बीएमसी पर राज्य सरकार का कंट्रोल है और जवाबदेही तय नहीं की। वहीं सीएम ने जनता को भरोसा दिलाया कि सभी एजेंसियां मिलकर स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं और बचाव कार्य जारी हैं।





