नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । दिल्ली विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो रहा है, जो 8 अगस्त तक चलेगा। इस सत्र में शिक्षा से संबंधित एक नया बिल पेश किया जाएगा, जबकि सत्र का आयोजन पूरी तरह पेपरलेस तरीके से होगा। अब से सभी कार्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होंगे और फाइलें ई-फॉर्मेट में प्रस्तुत की जाएंगी। सोमवार को दोपहर 2 बजे शुरू होने वाले इस सत्र में सदन के पटल पर दो CAG रिपोर्ट भी रखी जाएंगी। पहले दिन ही स्कूल फीस नियंत्रण बिल समेत कई अहम मुद्दों पर राजनीतिक बहस होने की संभावना है।
पेश होंगी दो CAG रिपोर्ट
दिल्ली विधानसभा के पहले दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दो महत्वपूर्ण CAG रिपोर्ट सदन पटल पर रखेंगी। इनमें से एक रिपोर्ट वित्त वर्ष 2023-24 के राज्य के वित्तीय प्रबंधन और सरकारी खर्चों से जुड़ी है, जबकि दूसरी रिपोर्ट 31 मार्च 2023 तक समाप्त हुए वर्ष के लिए निर्माण और अन्य श्रमिकों के कल्याण से संबंधित है। पहली रिपोर्ट राज्य की वित्तीय स्थिति और खर्चों का मूल्यांकन करती है, जबकि दूसरी रिपोर्ट निर्माण श्रमिकों के लिए चल रही योजनाओं और उनके कल्याण प्रयासों की समीक्षा करती है। इन रिपोर्टों के पेश होते ही सत्र में इन पर चर्चा की संभावना है।
दिल्ली स्कूल शिक्षा बिल 2025 विधानसभा में होगा पेश
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ‘दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण और उसे नियंत्रित करने में पारदर्शिता) विधेयक, 2025’ को विधानसभा की अनुमति से पेश करेंगे। इस बिल का उद्देश्य स्कूलों की फीस तय करने और उसे नियंत्रित करने में पारदर्शिता लाना है।
AAP क्यों कर रही है दिल्ली स्कूल शिक्षा बिल का विरोध?
सीएम रेखा गुप्ता ने रविवार को स्पष्ट किया कि यह बिल अभिभावकों के हित में है और स्कूलों की मनमानी पर कड़ी लगाम लगाएगा। हालांकि, आम आदमी पार्टी ने इस बिल का कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। आप नेता आतिशी और अन्य सीनियर नेताओं का आरोप है कि सरकार इस बिल के माध्यम से निजी स्कूलों को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा, आप ने सवाल उठाया है कि अगर यह बिल सच में जनहित में है, तो सरकार ने इसे अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया?




