नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । देश के कई इलाकों में इस समय मॉनसून की सक्रियता देखी जा रही है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के कारण नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं। यह बरसात और तूफान का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस समय मॉनसून ट्रफ सामान्य स्थिति में बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में निचले स्तर पर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है, जबकि गंगीय पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों में निचले और मध्य स्तर पर चक्रवात की स्थिति देखी गई है। इन मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव के चलते पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में अगले सात दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसलिए लोगों को पहले से सतर्क रहना जरूरी है।
पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में आज 21 सेमी से अधिक भारी वर्षा का अलर्ट है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और विदर्भ में 5 से 10 जुलाई के बीच विभिन्न दिनों में भारी बारिश की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत के हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी 5 से 10 जुलाई के बीच तेज बारिश का अनुमान है। खासतौर पर हिमाचल में 6 जुलाई को बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। महाराष्ट्र के घाटी क्षेत्रों में 6 और 7 जुलाई को भारी से अति भारी बारिश की आशंका है। अगले सात दिनों के दौरान बारिश के साथ तेज गर्जना, बिजली गिरने की घटनाएं और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश ने मचाई भारी तबाही
देश के कुछ हिस्सों में मूसलधार बारिश ने गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। बीते दो हफ्तों में हिमाचल प्रदेश में 43 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 37 लोग अब भी लापता हैं। उत्तराखंड के भीमताल में गुरुवार को उफनती झील में भारतीय वायुसेना के दो जवान डूब गए। वहीं, ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में शुक्रवार को कई निचले इलाके जलभराव से प्रभावित रहे। खराब जल निकासी व्यवस्था के कारण भुवनेश्वर नगर निगम को पानी निकालने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
हिमाचल प्रदेश में इस साल मॉनसून ने 20 जून को दस्तक दी थी। इसके बाद से बादल फटने, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने राज्य को अब तक लगभग 5,000 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है। जान गंवाने वालों में से 14 की मौत बादल फटने से, 8 की बाढ़ में, एक की भूस्खलन में और 7 लोगों की डूबने से हुई है। सबसे ज्यादा 17 मौतें मंडी जिले में दर्ज की गई हैं, जहां मंगलवार को बादल फटने के बाद अचानक बाढ़ आई थी। मंडी जिले में लापता 31 लोगों की तलाश अब भी जारी है। स्थानीय मौसम विभाग ने राज्य में शनिवार से मंगलवार तक ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
राजस्थान में भारी बारिश का सिलसिला बरकरार
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सक्रिय होने से राजस्थान में तेज बारिश का दौर जारी है। बीते 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक 128 मिलीमीटर बारिश पोकरण में दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में बारिश का यह क्रम अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। पिछले एक दिन में विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा देखने को मिली। इस दौरान पोकरण में सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई, जो 128 मिमी रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वी राजस्थान के कोटा, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और उदयपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में अगले चार से पांच दिनों तक लगातार वर्षा की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर भारी या अति भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं, जोधपुर और बीकानेर संभाग के चुनिंदा हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों के दौरान मध्यम से लेकर तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।
मध्य प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, कई जिलों में रेड अलर्ट
मध्य प्रदेश के अनेक हिस्सों में शुक्रवार को हुई मूसलधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के पूर्वी जिलों मंडला, सिवनी और बालाघाट के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, बीते 24 घंटों में राज्य के 27 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई है। भारी बारिश के कारण जबलपुर और मंडला जिलों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन हुआ, जिससे यातायात बाधित हो गया।
वहीं, देश के पूर्वी हिस्से में स्थित ओडिशा के निचले इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। भुवनेश्वर नगर निगम आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल ने लक्ष्मीसागर और बडागड़ा जैसे प्रभावित इलाकों का दौरा किया और अधिकारियों को तेजी से जल निकासी के निर्देश दिए। साथ ही नगर निगम ने बडागड़ा से रसूलगढ़ जाने वाले मार्ग से बचने और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी है।
एक राहत की खबर यह भी है कि पूर्वोत्तर भारत में त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और असम की बराक घाटी में ट्रेन सेवाएं शुक्रवार को पुनः शुरू कर दी गई हैं। गुरुवार को दीमा हसाओ जिले में भूस्खलन के कारण ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया था।




