हमारे देश के राष्ट्रगान में एक पंक्ति है- भारत भाग्य विधाता। इस पंक्ति को गुरुदेव के उपनाम से जाने वाले रविंद्र नाथ टैगोर ने ऐसे ही नहीं लिखा था। तब के समय में भी भारत दुनिया के देशों के लिए भाग्य विधाता था और आज भी है। ऐसे में देश क्लिक »-www.prabhasakshi.com





