नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। जम्मू-कश्मीर पिछले कई दशकों से आतंकवाद से पीड़ित है। धारा 370 की समाप्ति के बाद जो प्रयास यहां घाटी में शांति बहाली के लिए हुए वह भी अब कम नजर आते हैं, उसके बाद राज्य में चुनाव कराना और एक स्पष्ट बहुमत की सरकार के चुने जाने के बाद भी आतंकवाद जैसे इस राज्य को छोड़ना ही नहीं चाहता है। पाकिस्तान समर्थित इस्लामिक आतंकवाद लगातार यहां के लोगों एवं बाहर से इस राज्य में मेहनत-मजदूरी करने आए लोगों को अपना शिकार बना रहा है। ऐसे में अब केंद्र की मोदी सरकार ने इस राज्य को लेकर एक बड़ा निर्णय ले लिया है ।
गृह मंत्रालय के अनुसार इसे जम्मू शहर में स्थापित किया जाएगा
यहां शीघ्र ही बढ़ती आतंकवाद की घटनाओं से निपटने के लिए NSG का एक हब नजर आएगा। प्रारंभ में इसका केंद्र केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार जम्मू शहर में स्थापित किया जा रहा है । इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू में सभी ऊंची इमारतों, सुरक्षा एजेंसियों और सुरक्षा बलों से जुड़े स्थानों और संवेदनशील इमारतों और क्षेत्रों का सुरक्षा ऑडिट करने का भी आदेश जारी किया है। एनएसजी कमांडो को जम्मू शहर में रखने का उद्देश्य आतंकवादी हमले का समय पर जवाब देना है ।
NSG कमांडो को जम्मू शहर में रखने का उद्देश्य
केंद्र सरकार की मंशा है कि कश्मीर में पनपे आतंकवाद से पहले जम्मू को महफूज किया जाए, इसलिए इसका केंद्र पहले जम्मू रखा गया है। एनएसजी कमांडो को जम्मू शहर में रखने का उद्देश्य किसी भी आतंकवादी हमले का समय पर जवाब देना है क्योंकि एनएसजी कमांडो जम्मू शहर में ही रहेंगे। ऐसे में किसी भी आतंकी घटना से निपटने के लिए उन्हें आतंकी हमले वाली जगह पर पहुंचने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। जबकि अभी होता यह है कि जरूरत पड़ने पर एनएसजी कमांडो को दिल्ली या चंडीगढ़ से बुलाना पड़ता है, जिसमें काफी समय लगता था। हालांकि, सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस का स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप वर्षों से आतंकवाद के खिलाफ काम कर रहा है, उससे आतंकी जम्मू शहर में अपने मंसूबों को अंजाम देने में सफल नहीं हो पाए हैं, पर फिर भी घटनाएं तो घट ही रही है, जिन्हें हर हाल में रोका जाना चाहिए ।
ज्यादा आतंकवादियों को पकड़ने में मदद मिलेगी
यहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएसजी कमांडो का हब यदि जम्मू में होगा तो इससे हमें और अधिक आतंकवादियों को पकड़ने में मदद मिलेगी, वहीं कश्मीर में भी तुरंत एनएसजी कमांडो को भेजा जाना आसान होगा। समय की बचत होगी, तुरंत एक्शन और उसका तेज परिणाम आएगा। आपको बतादें कि भारत सरकार की पहल पर हाल ही में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से लड़ने वाले स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने किसी भी आतंकी हमले को रोकने के लिए शहर के कई चावल के खेतों, शॉपिंग मॉल, सिनेमा हॉल और संवेदनशील सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालयों का सुरक्षा ऑडिट किया है ताकि आतंकवादी शीघ्र ही समाप्त किया जा सके ।





