नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। केंद्र सरकार ने युवाओं को रोजगार देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में Employment Linked Incentive (ELI) स्कीम को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना का मकसद दो साल में 3.5 करोड़ से ज्यादा रोजगार के मौके तैयार करना है।
पहली नौकरी पर युवाओं को मिलेंगे 15,000 रुपये
ELI योजना के तहत जो युवा पहली बार नौकरी करेंगे, उन्हें सरकार की तरफ से अधिकतम 15,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। यह राशि दो किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त नौकरी ज्वॉइन करने के 6 महीने बाद दूसरी किस्त 12 महीने काम करने और वित्तीय साक्षरता ट्रेनिंग पूरी करने के बाद सिर्फ युवाओं को ही नहीं, सरकार कंपनियों को भी हर कर्मचारी पर 3000 रुपये प्रति माह तक प्रोत्साहन देगी।
सरकार कंपनियों को भी देगी प्रोत्साहन
सिर्फ युवाओं को ही नहीं, सरकार कंपनियों को भी हर कर्मचारी पर 3000 रुपये प्रति माह तक प्रोत्साहन देगी। यह सुविधा दो साल तक मिलेगी शर्त यह है कि कर्मचारी कम से कम 6 महीने तक कंपनी में काम करे छोटी कंपनियों को कम से कम 2 नए कर्मचारी, और बड़ी कंपनियों को 5 नए कर्मचारी रखने होंगे।
EPFO से जुड़ना होगा जरूरी
इस योजना का लाभ उठाने के लिए जरूरी है कि कर्मचारी EPFO (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) में पहली बार रजिस्टर्ड हो जिसकी सैलरी 1 लाख रुपये या उससे कम हो पैसे का ट्रांसफर DBT (Direct Benefit Transfer) से सीधे बैंक अकाउंट में किया जाएगा
योजना पर खर्च होंगे करीब 99,446 करोड़ रुपये
ELI स्कीम के लिए केंद्र सरकार ने 99,446 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। यह योजना पीएम के 2 लाख करोड़ रुपये के रोजगार पैकेज का हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले एक साल में 1.92 करोड़ युवा पहली बार नौकरी पाएंगे 4.1 करोड़ युवाओं को नौकरी, ट्रेनिंग या अन्य अवसर मिलेंगे इस योजना का मुख्य फोकस मैन्युफैक्चरिंग और उत्पादन क्षेत्र पर होगा। इसका मकसद युवाओं को उद्योगों से जोड़ना और देश में रोजगार की संख्या को तेजी से बढ़ाना है। ELI योजना युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका लेकर आई है। पहली बार नौकरी करने वाले न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत होंगे बल्कि उन्हें सरकार की ओर से प्रोफेशनल ट्रेनिंग और वित्तीय साक्षरता भी दी जाएगी। साथ ही कंपनियों को भी सरकार से सहयोग मिलेगा, जिससे रोजगार के अवसर और भी बढ़ेंगे। सरकार की यह पहल ‘रोजगार से विकास’ के रास्ते को और मजबूत कर सकती है।





