नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। नरेंद्र मोदी ने 9 जून को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। नरेंद्र मोदी के साथ 71 मंत्रियों ने भी मंत्री पद की शपथ ली लेकिन इन मंत्रियों में एक भी मुस्लिम नहीं था। आजादी के बाद ये पहली बार है जब केंद्रीय कैबिनेट में एक भी मुस्लिम नहीं है।
2014 में 3 मुस्लिमों को दी गई थी कैबिनेट में जगह
2014 में जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनी तो उस समय 3 मुस्लिमों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई। इनमें नजमा हेपतुल्ला, एमजे अकबर और मुख्तार अब्बास नकवी थे। हालांकि मी टू कैंपेन में एमजे अकबर पर आरोप लगने के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।
बीजेपी के आखिरी मुस्लिम मंत्री थे मुख्तार अब्बास नकवी
2019 के लोकसभा चुनाव में मुख्तार अब्बास नकवी को दोबारा कैबिनेट में जगह दी गई, लेकिन 2022 में राज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद मुख्तार अब्बास नकवी को दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा गया। जिसके बाद मुख्तार अब्बास नकवी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस तरह मुख्तार अब्बास नकवी बीजेपी की सरकार में आखिरी मुस्लिम मंत्री थे।
एक समय बीजेपी में थी बड़ी मुस्लिम लीडरशिप
वर्तमान में भले ही बीजेपी ने एक भी मुस्लिम को मंत्री नहीं बनाया है, लेकिन बीजेपी के शुरुआती दौर में बीजेपी में एक बड़ी मुस्लिम लीडरशिप थी। जिसमें शहनवाज हुसैन, सिकंदर बख्त, आरिफ बेग और मुख्तार अब्बास नकवी शामिल थे। जिस समय बीजेपी को मुस्लिम वोट मिलना कठिन माना जाता था। उस दौर में भी शहनवाज हुसैन और मुख्तार अब्बास नकवी बीजेपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीत चुके थे।
मोदी 3.0 में अल्पसंख्यक समुदाय से बने 5 मंत्री
मोदी 3.0 कैबिनेट में इस बार अल्पसंख्यक समुदाय से 5 मंत्री बनाये गए हैं। जिसमें किरेन रिजिजू, हरदीप पुरी, रवनीत सिंह बिट्टू, जॉर्ज कुरियन और रामदास अठावले शामिल हैं। किरन रिजिजू और जॉर्ज कुरियन जहां इसाई हैं तो हरदीप पुरी और बिट्टू सिख हैं। वहीं रामदास अठावले बौद्ध धर्म को मानने वाले हैं। हालांकि देश की 20 करोड़ आबादी का इस बार कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।
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