नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के एक विधायक के विवादित बयान ने राज्य का राजनीतिक पारा तेजी से बढ़ा दिया है। इस बयान ने तुरंत ही हलचल मचा दी, विपक्षी दलों और जनता में चर्चा का माहौल बना दिया, जिससे आगामी राजनीतिक घटनाक्रम पर सबकी नजरें टिकी हैं।
महाराष्ट्र में भाषा विवाद चरम पर है, जहां मराठी और हिंदी को लेकर समय-समय पर टकराव की खबरें सामने आती रहती हैं। इसी संदर्भ में शिवसेना विधायक प्रकाश सुर्वे ने विवादित बयान देकर राजनीतिक और सामाजिक हलचल बढ़ा दी है।
मराठी-हिंदी विवाद पर बयान देकर बुरा फंसे विधायक
दरअसल, एकनाथ शिंदे के विधायक प्रकाश सुर्वे ने विवादित बयान देते हुए कहा, “मैं कहता हूं… मराठी मेरी मातृभूमि मेरी मां है, तो उत्तर भारत मेरी मौसी है। एक बार मां मर जाए तो चलता है, लेकिन मौसी मरनी नहीं चाहिए क्योंकि मौसी ज्यादा प्यार करती है।”
‘मां से ज्यादा प्यार मुझे उत्तर भारतीयों ने दिया’- प्रकाश सुर्वे
शिवसेना विधायक प्रकाश सुर्वे ने यह विवादित बयान उत्तर भारतीय समुदाय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में दिया। जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “…मां से ज्यादा प्यार आपने मुझे दिया है। यह प्यार मेरे साथियों को भी दीजिए।”
इस कार्यक्रम में विधायक ने एक मराठी कहावत का हिंदी में अनुवाद कर हिंदी-मराठी विवाद पर बयान दिया। इस बयान को लेकर विपक्ष ने जमकर शिंदे गुट और विधायक प्रकाश सुर्वे पर निशाना साधा, और राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है।
सूबे की सियासत में हलचल तेज
दरअसल, महाराष्ट्र में जल्द ही महानगरपालिका चुनाव होने की संभावना है। ऐसे में पालिका चुनाव से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर नेताओं की बयानबाजी और रैलियों में जुबानी तकरार तेज हो गई है, जिससे राजनीतिक हलचल और चुनावी चर्चाएं बढ़ रही हैं।
इस बीच, प्रकाश सुर्वे के विवादित बयान ने सियासी गलियारों में सनसनी फैला दी है। जानकारी के अनुसार, सुर्वे एकनाथ शिंदे गुट के विधायक हैं और मुंबई के मागठाणे विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।





