back to top
19.1 C
New Delhi
Wednesday, April 1, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Mission Shukrayaan: ISRO ने शुरू किया मिशन ‘शुक्रयान’, भारत बनाने जा रहा स्पेस स्टेशन?

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का कहना है कि केंद्र सरकार पहले ही इस उपग्रह परियोजना को मंजूरी दे चुकी है ।

नई दिल्‍ली, रफ्तार डेस्‍क। भारत के स्पेस अभियान ने चंद्रमा पर विजय प्राप्त कर ली गई है तो दूसरी तरफ इसरो सूर्य पर शोध जारी रखे हुए है। अब बारी है ‘शुक्रयान’ पर काम करने की जिसके बारे में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का कहना है कि केंद्र सरकार पहले ही इस उपग्रह परियोजना को मंजूरी दे चुकी है। ऐसे में भारतीय अनुसंधान संस्थान के अगले मिशनों की अब व्यापक चर्चा हो रही है।

आपको बता दें कि शुक्र ग्रह पर शोध के अलावा इसरो चंद्रमा पर और भी कई शोध करने जा रहा है। इसके अलावा इसरो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की तर्ज पर एक स्पेस स्टेशन भी जल्द बनाएगा। इसरो के निदेशक नीलेश देसाई ने इस बारे में कहा कि उनकी मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। 

‘शुक्रयान’ मिशन मार्च 2028 तक शुरू होगा

इसरो ने कहा है कि ‘शुक्रयान’ मिशन मार्च 2028 तक शुरू होगा। इस मिशन के लिए भारत 1,236 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसमें से 824 करोड़ रुपए सिर्फ अंतरिक्ष यान पर खर्च होंगे। इस मिशन के जरिए इसरो शुक्र की कक्षा में एक अंतरिक्ष यान भेजेगा। अनुसंधान शुक्र की सतह पर केंद्रित होगा। वहां के माहौल को समझने की कोशिश की जाएगी। 

इसरो ने शुक्र की तरह मंगल ग्रह में भी रुचि दिखाई है, न केवल उस ग्रह पर उपग्रह भेजे जा रहे हैं बल्कि मंगल ग्रह पर उतरने का भी प्रयास किया जा रहा है। हालाँकि, यह मिशन कब शुरू होगा इसकी सटीक समय की घोषणा अभी नहीं की गई है।

‘चंद्रयान-3’ की सफलता के बाद ‘चंद्रयान-4’ पर भी काम शुरू 

‘चंद्रयान-3’ की सफलता के बाद इसरो ने ‘चंद्रयान-4’ पर काम शुरू कर दिया है। यह अभियान 2028 से 2030 के बीच होने वाला है। इस बीच एस सोमनाथ का कहना रहा है कि इसरो ‘चंद्रयान-5’ मिशन की भी योजना बना रहा है। उनके शब्दों में, उन्होंने जापान की अंतरिक्ष एजेंसी जाक्सा (JAXA) के साथ एक संयुक्त मिशन के बारे में सोचा है। अगर इसरो सफल हुआ तो भारत को अपना अंतरिक्ष स्टेशन मिल जाएगा। यह अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जितना बड़ा नहीं होगा। इस स्पेस स्टेशन को पांच मॉड्यूल में बांटा जाएगा। पहला मॉड्यूल 2028 तक लॉन्च किया जाएगा और पूर्ण अंतरिक्ष स्टेशन 2035 तक पूरा होने की उम्मीद है।

ISRO का एक बड़ा अभियान ‘गगनयान’ भी

उल्लेखनीय है कि इसरो का एक बड़ा अभियान ‘गगनयान’ भी है जिसे 2025 में होना था। लेकिन एक बार फिर इसरो ने फैसला बदल दिया है, जानकारी में आया है कि सुरक्षा कारणों से 2025 में ‘गगनयान’ ऑपरेशन को अंजाम देना संभव नहीं है। इसरो ने इस मिशन को 2026 में अंजाम देने का ऐलान किया है। ‘गगनयान’ मिशन भारत का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन है। इस अभियान की घोषणा पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर की थी। कहा गया कि यह अभियान 2022 में होगा, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसे 2024 तक के लिए टाल दिया गया, बाद में फिर इसे दौबारा पलटा गया है।

Advertisementspot_img

Also Read:

ISRO की 2026 में दमदार शुरुआत! PSLV-C62 से 16 सैटेलाइट लॉन्च, डिफेंस सैटेलाइट ‘अन्वेषा’ भी कक्षा में

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने साल 2026 की दमदार शुरुआत करते हुए बड़ा इतिहास रच दिया है। आंध्र प्रदेश के...
spot_img

Latest Stories

Gold Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल में हल्का उतार-चढ़ाव, सोना-चांदी में आई तेजी; जानिए आज के लेटेस्ट रेट

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आज राजस्थान में पेट्रोल और डीजल...

Hanuman Jayanti पर करें इस प्रकार पूजा अर्चना, बनने लगेंगे हर बिगड़े काम

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म में हनुमान जयंती...

ऑफिस और ट्रैवल में चाहिए ग्लोइंग स्किन? बैग में रखें ये जरूरी चीजें

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आज के समय में ऑफिस...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵