नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल द्वारा दिया गया बयान कि “पंजाब को एक सख्त मुख्यमंत्री की जरूरत है”, सियासी तूफान का कारण बन गया है। इस बयान पर पलटवार करते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने रविवार को तीखी प्रतिक्रिया दी।
मंत्री सौंध ने क्या कहा ?
कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब को सख्त मुख्यमंत्री की नहीं, जनता के हित में काम करने वाले ईमानदार नेतृत्व की जरूरत है, जो मुख्यमंत्री भगवंत मान में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। तरुणप्रीत सिंह सौंध ने कहा कि “भगवंत मान माफिया, नशा तस्करों और भ्रष्टाचारियों पर डंडा चलाते हैं, गरीबों पर नहीं। उन्होंने नशे के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ा हुआ है और लगातार कार्रवाई हो रही है।”
उन्होंने यह कहा कि भगवंत मान सरकार का उद्देश्य पंजाब को नशा मुक्त बनाना है और इसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सुखबीर बादल के ‘सख्त सीएम’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए मंत्री ने कहा कि “पंजाब ने कई बार शिरोमणि अकाली दल का शासन देखा है। लेकिन सुखबीर बादल न तो अपने कार्यकाल में कुछ बेहतर कर पाए और न ही अपने पिता सरदार प्रकाश सिंह बादल की राजनीतिक विरासत को संभाल सके।”
सुखबीर सिंह बादल ने क्या दिया था बयान?
हाल ही में लुधियाना के दौरे पर गए सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब में नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता जाहिर करते हुए एक तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “पंजाब को अब एक सख्त मुख्यमंत्री की जरूरत है, जो डंडा चला सके और नशे जैसी बुराइयों को जड़ से खत्म कर सके।” उनके इस बयान को सीधे तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की कार्यप्रणाली पर निशाना माना गया। बयान में “डंडा चलाने” का जिक्र करते हुए उन्होंने राज्य में कठोर नेतृत्व की आवश्यकता बताई।
19 जून को मतदान
लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट के उपचुनाव 19 जून 2025 को होंगे। इस उपचुनाव में कुल 14 उम्मीदवार भाग ले रहे हैं। आम आदमी पार्टी से संजीव अरोड़ा, बीजेपी से जीवन गुप्ता, शिरोमणि अकाली दल से परउपकार सिंह घुम्मन और कांग्रेस से भारत भूषण आशु उम्मीदवार हैं। यह उपचुनाव गुरप्रीत गोगी बस्सी के निधन के कारण हुआ है। नामांकन 2 जून तक दाखिल किए गए और नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 5 जून थी। मतदान के बाद नतीजे 23 जून 2025 को घोषित किए जाएंगे।




