नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देश के सबसे साफ शहर कहे जाने वाले इंदौर में दूषित पानी से बड़ा स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है। भागीरथपुरा इलाके में गंदा पानी पीने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से ज्यादा लोग बीमार हैं और अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है।
मीडिया के सवालों पर भड़के मंत्री
इस पूरे मामले पर जब नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल पूछे गए, तो वह अचानक आपा खो बैठे। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
‘फोकट सवाल मत पूछो’- कैमरे पर बोले मंत्री
दूषित पानी को लेकर जब मंत्री से यह पूछा गया कि मरीजों के निजी अस्पतालों के बिलों का भुगतान क्यों नहीं हुआ इलाके में अभी तक साफ पानी की व्यवस्था क्यों नहीं हो पाई तो इस पर विजयवर्गीय भड़क गए। उन्होंने कैमरों के सामने कहा,“छोड़ो यार, तुम फोकट के सवाल मत पूछो इसके बाद मंत्री और एक पत्रकार के बीच तीखी बहस भी हो गई।
विधानसभा क्षेत्र में ही हुआ हादसा
भागीरथपुरा इलाका खुद कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र इंदौर-1 में आता है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दूषित पानी के कारण यहां डायरिया का प्रकोप फैला, जिससे लोगों की जान गई। मामला तूल पकड़ने और विरोध बढ़ने के बाद मंत्री विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर माफी मांगी। उन्होंने लिखा,“मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में काम कर रहे हैं। दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए। इस दुख की घड़ी में मीडिया के एक सवाल पर मेरे शब्द गलत निकल गए, इसके लिए खेद प्रकट करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सभी लोग सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, वे चैन से नहीं बैठेंगे।
कांग्रेस ने साधा निशाना, इस्तीफे की मांग
इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपना लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विजयवर्गीय का वीडियो साझा करते हुए कहा, “इंदौर में जहरीला पानी पीने से मौतें हो रही हैं, लेकिन बीजेपी नेताओं का अहंकार और बदतमीजी कम नहीं हो रही। कांग्रेस ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफे की मांग की है। दूषित पानी से हुई मौतों और नेताओं के बयानों ने इंदौर की ‘सबसे साफ शहर’ वाली छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और प्रभावित लोगों को कब राहत मिलती है।





