नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । मध्य प्रदेश के इंदौर में नगर निगम ने हिंदू और जैन त्योहारों के दौरान मीट की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। शहर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने यह आदेश मंगलवार, 26 अगस्त को जारी किया। आदेश जारी करने का उद्देश्य धार्मिक संवेदनाओं का सम्मान करना और त्योहारों के दौरान शांति और सांस्कृतिक अनुशासन बनाए रखना बताया गया है।
इंदौर प्रशासन का कहना है कि मीट पर प्रतिबंध धार्मिक आस्थाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। साथ ही अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि, इससे पहले राजस्थान में भी हिंदू त्योहारों पर 2 दिनों तक सरकार ने मीट बैन करने का फैसला लिया है।
किन-किन त्योहारों पर लागू होगा बैन?
इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि मीट पर प्रतिबंध प्रमुख हिंदू त्योहारों- गणेश चतुर्थी (27 अगस्त), डोल ग्यारस (3 सितंबर) और अनंत चतुर्दशी (6 सितंबर) के दौरान लागू रहेगा। साथ ही जैन समुदाय के पर्व पर्युषण के समय भी पूरी तरह पाबंदी रहेगी। मिली जानकारी के अनुसार, इन तिथियों पर किसी भी तरह के मांस उत्पाद की बिक्री, खरीद या वितरण की अनुमति नहीं होगी।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने स्पष्ट किया कि नगर निगम के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि मीट पर प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, और अधिकारी सक्रिय रूप से बाजारों व दुकानों की निगरानी करेंगे ताकि किसी भी उल्लंघन को रोका जा सके।
कई समुदायों ने की थी मांग
अधिकारियों के अनुसार, हिंदू और जैन समुदाय के कई लोगों ने त्योहारों के दौरान मीट की बिक्री रोकने की मांग की थी, ताकि धार्मिक आस्थाओं का सम्मान सुनिश्चित हो सके। प्रशासन का मानना है कि इस निर्णय से न केवल सामाजिक सौहार्द बढ़ेगा, बल्कि त्योहारों का माहौल भी अधिक शांतिपूर्ण और सौम्य बना रहेगा।




