नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। दिल्ली के हरकेश नगर इलाके में दिल्ली नगर निगम (MCD) की ओर से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। इस दौरान सैकड़ों अस्थायी और स्थायी दुकानों के साथ-साथ झुग्गियों को भी बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। स्थानीय लोगों और दुकानदारों का कहना है कि उन्हें न तो कोई पूर्व सूचना दी गई, और न ही सामान समेटने का समय मिला।
40 साल से चला रहे थे दुकान, फिर भी तोड़ी गई
श्याम सुंदर नाम के दुकानदार ने दुख जताते हुए कहा, “मैं 1986 से यहां दुकान चला रहा हूं। मेरे पास लाइसेंस भी है, फिर भी मेरी दुकान को तोड़ दिया गया। वहीं, दीपक नाम के एक अन्य दुकानदार ने कहा, “हमें आधे घंटे का समय भी नहीं दिया गया। हमारा फ्रिज भी तोड़ दिया गया। वेंडिंग सर्टिफिकेट होने के बावजूद दुकानों को गिरा दिया गया।
“कानून का रक्षक ही कानून तोड़े तो क्या करें?”
मिंटू गुप्ता नामक दुकानदार ने नाराज़गी जताते हुए कहा, “MCD को कानून का पालन करना चाहिए, लेकिन उन्होंने हमें अपना सामान हटाने तक का समय नहीं दिया। न कोई नोटिस मिला और न ही चेतावनी।” संजय गुप्ता, जो 2002 से फलों की दुकान चला रहे थे, ने कहा, “हमने सालों की मेहनत से दुकान बनाई थी। अब फिर से सब शुरू करना होगा।
स्थानीय लोगों का सवाल – फिर लाइसेंस क्यों दिया गया?
कई दुकानदारों ने सवाल उठाया कि अगर MCD को अतिक्रमण हटाना था, तो फिर वेंडिंग लाइसेंस क्यों जारी किए गए? कुछ दुकानदारों ने यह भी दावा किया कि उन्होंने लोन लेकर दुकानें बनाई थीं, और अब सारा नुकसान हो गया। MCD की इस कार्रवाई के दौरान किसी भी अव्यवस्था को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि, मौके पर विरोध की आशंका को देखते हुए माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
अभी तक MCD का कोई आधिकारिक बयान नहीं
इस पूरी कार्रवाई पर अभी तक दिल्ली नगर निगम (MCD) की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। दुकानदार अब सरकार और प्रशासन से जवाब की मांग कर रहे हैं। हरकेश नगर में हुई इस कार्रवाई ने न केवल सैकड़ों दुकानदारों की रोज़ी-रोटी पर असर डाला है, बल्कि नगर निकाय की प्रक्रिया और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग और दुकानदार अब इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठे हैं।





