नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया कि संविधान की प्रस्तावना से ‘सोशलिज्म’ और ‘सेक्युलरिज्म’ हटाने की कोई योजना नहीं है। इस बयान का बसपा सुप्रीमो मायावती ने स्वागत किया है और इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
मायावती ने एक्स पर लिखा “देश के कानून मंत्री का संसद में दिया गया यह बयान कि संविधान की प्रस्तावना से ‘सेक्युलरिज़्म’ आदि शब्द हटाने की सरकार की ना कोई नीयत है और ना ही कोई विचाराधीन प्रस्ताव। यह उचित एवं सराहनीय है।” उन्होंने कहा कि संविधान में अनुचित बदलाव नहीं होने की पुष्टि जनता के लिए राहत की खबर है।
“बाबा साहेब के संविधान से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं”
बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्र सरकार द्वारा संविधान की प्रस्तावना से सेक्युलरिज्म और सोशलिज्म जैसे शब्दों को न हटाने के बयान का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह बयान BSP और देश-दुनिया के उन सभी लोगों के लिए राहत की बात है, जो बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ के सख्त खिलाफ हैं। मायावती ने कहा कि ऐसी उठने वाली गलत मांग को लेकर लोग चिन्तित भी थे, लेकिन अब इस आश्वासन के बाद उन्हें राहत है।
उन्होंने कहा कि “भारत एक ऐसा देश है जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध और पारसी जैसे विभिन्न धर्मों को मानने वाले लोग एक साथ रहते हैं। विविधता में एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत और पहचान है।” मायावती ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान को समता और समान आदर-सम्मान की सोच के साथ रचा, जो हर पन्ने में झलकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार अपने इस रुख पर अडिग रहेगी और संविधान की पवित्र मंशा की रक्षा करेगी, यही देश की भी अपेक्षा है।
बता दें कि कानून मंत्री ने संसद में साफ किया है कि संविधान की प्रस्तावना से ‘सोशलिज्म’ और ‘सेक्युलरिज्म’ शब्द हटाने की सरकार की कोई योजना नहीं है और ना ही कोई प्रस्ताव विचाराधीन है।





