नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में जहां एक तरफ सभी पार्टिया आगामी चुनाव को लेकर अपने कमर कसती नजर आ रही हैं तो वही अब योगी सरकार के कम छात्रों वाले प्राथमिक स्कूलों को मर्ज करने का प्लान बना रही है जिससे वहां सभी दलों में चर्चांओ का बाजार गर्म हो चला है इस बीच बसपा सुप्रीमों मायावती ने भी योगी सरकार से अपील करते हुए कहा है कि, वे इस फैसले को अविलंब वापस लें।
प्राथमिक स्कूलों को मर्ज करने का प्लान
बता दें, कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने हाल ही में प्राथमिक स्कूलों को मर्ज करने का प्लान बनाया है जिसके बाद वहां योगी सरकार के इस फैसले से राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो चली हैं। सभी दल खासा नाराज होते दिखाई दे रहे हैं। जिसमें इस बीच योगी सरकार को इस फैसले से भड़की मायावती ने भी चेतावनी दे डाली है।
‘गैर-जरूरी एवं गरीब-विरोधी’
गौरतलब है कि, पूर्व सीएम मायावती ने योगी सरकार के इस फैसले को लेकर अपने सोशल हैंडल एक्स पूर्व में (ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा है, बेसिक शिक्षा परिषद, यूपी सरकार द्वारा प्राथमिक विद्यालयों युग्मन/एकीकरण की आड़ में बहुत सारे स्कूलों को बंद करने वाला जो फैसला लिया गया है वो फैसला गरीबों के करोड़ों बच्चों को उनके घर के पास दी जाने वाली सुगम व सस्ती सरकारी शिक्षा व्यवस्था के न्यान नही होगा। बल्कि पहली नजर में ही साफतौर पर यह अनुचित, गैर-जरूरी एवं गरीब-विरोधी जान पड़ता है।
‘पुरानी व्यवस्था बहाल की जाएगी’
उन्होंने आगे लिखा- मेरी यूपी सरकार से अपील है कि, वह अपना यह फैसला गरीब छात्र-छात्राओं के व्यापक हित में तुरन्त वापस लें। यदि सरकार अपना यह फैसला वापस नहीं लेती है तो, हमारी पार्टी इनके सभी माता-पिता व अभिभावकों को यह विश्वास दिलाना चाहती है कि हमारी पार्टी बीएसपी की सरकार बनने पर फिर इस फैसले को रद्द करके एक बार फिर पुरानी व्यवस्था को बहाल करेगी। आशा है कि, यूपी सरकार गरीबों और आमजन की शिक्षा के फैले हुए पुरानी व्यवस्था को बहाल करेगी। यूपी सरकार गरीबों व आमजन की शिक्षा के व्यापक हित के मद्देनजर अपने इस फैसले को बदलने के बारे में जरूर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।
करीब 27,000 स्कूलों का विलय होगा
बता दें कि, उत्तर प्रदेश में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विलय के फैसले पर लगातार सभी पार्टियों का विरोध जारी है। इसे लेकर यूपी में विपक्षी राजनेता भी विरोध जता रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत करीब 27,000 स्कूलों का विलय होना है। वहीं कांग्रेस नेता अजय राय ने इस मामले पर जोर देते हुए कहा, स्कूल बंद करने की योजना न केवल शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन वहीं सपा चीफ अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि जहां बीजेपी बूथ हारी, वहां स्कूल बंद किए जा रहे हैं।





