नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । उत्तरी गोवा के अरपोरा इलाके में शनिवार देर रात एक नाइटक्लब में भयानक आग लग गई, जिसमें कम से कम 25 कर्मचारियों की मौत हो गई। गोवा पुलिस प्रमुख आलोक कुमार ने जानकारी दी कि आग की वजह क्लब में हुआ सिलेंडर विस्फोट था। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि अब तक 23 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें सभी क्लब में काम करने वाले कर्मचारी बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों की मौत तेज लपटों की चपेट में आने से हुई, जबकि कई ने धुएं के कारण दम तोड़ दिया। हादसे के समय क्लब में भारी भीड़ मौजूद थी, जिससे हालात और बिगड़ गए। मृतकों की सूची में 20 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत रात में ही घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने इस दुर्घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने चेतावनी दी कि यदि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का कोई भी मामला सामने आता है, तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी बताया कि मृतकों में तीन से चार पर्यटक भी शामिल हैं, जो छुट्टियां मनाने गोवा आए थे।
रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
दमकल कर्मियों और पुलिस ने पूरी रात मौके पर डटे रहते हुए रेस्क्यू अभियान चलाया। घना धुआं और उठती हुई तेज लपटें बचाव कार्य में बड़ी चुनौती बनी रहीं, फिर भी कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। स्थानीय विधायक माइकल लोबो ने बताया कि आग पूरी तरह बुझाने में रात भर का वक्त लग गया। उन्होंने कहा कि अब सभी नाइटक्लबों में अग्नि सुरक्षा मानकों की विशेष जांच कराई जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हो।
पुराने हादसे देते हैं चेतावनी
देशभर में हुए कई पुराने हादसे याद दिलाते हैं कि आग से सुरक्षा को लेकर लापरवाही अब भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। बीते वर्षों में हुई कई घटनाएं इसका स्पष्ट उदाहरण हैं। हैदराबाद में तीन मंजिला इमारत में लगी आग ने 17 लोगों की जान ले ली थी, जबकि कोलकाता के एक होटल में हुई भीषण आग में 15 लोगों की मौत हुई। गुजरात के एक मनोरंजन पार्क में भड़की आग ने तो 24 लोगों की जिंदगी छीन ली। ये सभी हादसे इस बात की ओर इशारा करते हैं कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है।





