नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । देश की राजधानी दिल्ली मे धीरे-धीरे प्रदूषण का स्तर कम हो रहा है। आज सोमवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक 346 ‘बेहद खराब’ दर्ज हुआ। जिसके चलते दिल्लीवासियों ने थोड़ी राहत महसूस की । बीते दिन दिल्ली के किसी भी इलाके की हवा ”गंभीर” श्रेणी में नहीं थी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार अगले तीन दिनों तक यही स्थिति बने रहने के आसार हैं। वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘गंभीर’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणियों के बीच उतार-चढ़ाव भरा बना रहेगा।
दिल्ली के सभी 38 निगरानी केंद्रों पर ‘गंभीर’ नहीं दर्ज हुई हवा
गौरतलब है कि दिल्ली शहर का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक रविवार को 318 (बहुत खराब) श्रेणी में रहा जो पिछले दिनों दर्ज किए गए AQI 412 से काफी बेहतर रहा। हर घंटे की जानकारी देने वाले ‘समीर ऐप’ के अनुसार, दिल्ली के 38 निगरानी केंद्रों में से किसी ने भी रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘गंभीर श्रेणी’ में दर्ज नहीं किया जबकि बीते दिन 20 केंद्रों ने ‘गंभीर’ वायु गुणवत्ता दर्ज की थी।
दिल्ली में 495 का स्तर छू चुका है AQI
सीपीसीबी के मुताबिक दिल्ली में सबसे अधिक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 495 तक पहुंच चुका है। इस आंकड़े को छूने के बाद उच्चतम न्यायालय ने बढ़ते वायु प्रदूषण संकट से निपटने के लिए चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य बल (GRAP) के तहत चौथा चरण शहर में लागू किया है। IMD ने आज सोमवार को मध्यम कोहरे के साथ अधिकतम व न्यूनतम तापमान क्रमशः 28 और 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना व्यक्त की है ।
प्रदूषण पर लगाम कसने मैदान में है दिल्ली ट्रैफिक पुलिस
दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस भी लगातार प्रयास में जुटी हुई है। ट्रैफिक पुलिस ने प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना चल रही गाड़ियों पर सख्ती बढाते हुए 1 अक्टूबर से 22 नवंबर के बीच यानी 53 दिन में 1.64 लाख गाड़ियों के 164 करोड़ रुपए के चालान काटे हैं। 18 नवंबर से यहां GRAP-4 लागू किया गया है। वहीं दिल्ली की सीमाओं पर 13,762 गैर-लक्षित ट्रकों को भी वापस भेजा गया है। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) शशांक जायसवाल ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए वाहन मालिकों से जिम्मेदार बनने और वैध पीयूसीसी प्राप्त करने की अपील जारी की है।




