नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। 1 दिसंबर, 2025 से शुरू हुए Parliament Winter Session 2025 में पहले ही दिन से हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के लिए किए जा रहे स्पेशल गहन पुनरीक्षण को लेकर चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा कि SIR के जरिए वोटर लिस्ट में बदलाव विवादास्पद है। इस दौरान सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित हुई। विपक्षी सांसदों ने SIR पर चर्चा के बिना नए विधेयकों पर आगे बढ़ने का विरोध जताया।
सरकार का एजेंडा 13 से 14 बड़े बिल पास कराने की तैयारी
सरकार इस सत्र में कुल 13 से 14 बिल पेश करने की योजना बना चुकी है, जिनमें शामिल हैं: परमाणु ऊर्जा बिल, कॉर्पोरेट नियम संशोधन, राष्ट्रीय राजमार्ग संशोधन, सिंचाई/उच्च शिक्षा आयोग, सिक्योरिटीज मार्केट कोड, हेल्थ व नेशनल सिक्योरिटी सेस आदि। इनमें से एक अहम विधेयक था Manipur GST Amendment Bill, जिसे संसद में इस सत्र के बीच पेश किया गया।
Manipur GST Amendment Bill पारित – SIR विवाद पर बवाल जारी
Manipur GST Amendment Bill, 2025 जिसे पहले जून 2025 में अध्यादेश के रूप में लागू किया गया था अब विधेयक के रूप में संसद से पारित हो गया। यह बिल मणिपुर में लागू हुए पहले अध्यादेश को स्थायी रूप देता है। साथ ही, मणिपुर के लिए अगले वर्षों के बजट में अतिरिक्त केंद्रीय आवंटन भी किया गया है, जिससे राज्य को पूंजीगत तथा राजस्व व्यय के लिए फंड मिलेगा।
विपक्ष बोला – “SIR पर चर्चा नहीं, तो संसद का उद्देश्य मुरझाएगा”
विपक्ष का कहना है कि जब तक SIR पर जांच-परख नहीं होती, संसद नए कानूनों पर आगे बढ़ना नहीं चाहिए। मनीष तिवारी ने कहा कि संसद लोकतंत्र की नींव है सरकार अपनी विधेयक लाए, विपक्ष अपनी चिंता उठाए। SIR प्रक्रिया का कानूनी आधार सामने आना चाहिए। कई विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लगातार हंगामे के कारण संसद की उत्पादकता यानी विधेयकों पर ठोस चर्चा, जन-हित मुद्दों की सुनवाई गिर रही है। ऐसे में सिर्फ बिल पास हो जाना पर्याप्त नहीं है। अगर SIR जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बहस न हुई, तो न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होगी, बल्कि जनता का विश्वास भी डगमगा सकता है।





