इंफाल, 28 फरवरी (आईएएनएस)। मणिपुर की 38 विधानसभा सीटों के लिए पहले चरण के मतदान में सोमवार को हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुईं, जबकि दोपहर एक बजे तक 49 फीसदी मतदान हुआ। चुनाव अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इंफाल में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि चुराचांदपुर जिले में दो प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प में कम से कम एक व्यक्ति घायल हो गया। सिंघत में कुछ लोगों द्वारा एक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिसे बाद में बदल दिया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंफाल पश्चिम जिले के लंगथबल निर्वाचन क्षेत्र के काकवा क्षेत्र में एक भाजपा मतदान केंद्र को कथित रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया, जबकि केइराव सीट पर प्रतिद्वंद्वी समूह के सदस्यों द्वारा नेशनल पीपुल्स पार्टी के एक उम्मीदवार के वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, हालांकि इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि फुनाल मरिंग मतदान केंद्र पर कुछ बदमाशों द्वारा फायरिंग की घटना हुई है। हालांकि घटना के ब्योरे का इंतजार है। सुबह सात बजे मतदान शुरू होने से काफी पहले ही बड़ी संख्या में युवा मतदाताओं सहित पुरुष और महिलाएं मतदान केंद्रों के सामने कतार में लग गए। मतदान शाम चार बजे तक चलेगा। मणिपुर के राज्यपाल ला गणेशन, मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह, उपमुख्यमंत्री वाई जॉयकुमार, अध्यक्ष वाई खेमचंद, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एन. लोकेन उन लोगों में शामिल थे जो तड़के अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचे। सोमवार को पहले चरण के मतदान में 15 महिला उम्मीदवारों सहित 173 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री और भाजपा उम्मीदवार एन.बीरेन सिंह, उनके कैबिनेट सहयोगी थोंगम विश्वजीत सिंह, एनपीपी उम्मीदवार और उप मुख्यमंत्री युमनाम जॉयकुमार सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता थोकचोम सत्यब्रत सिंह, कांग्रेस के रतनकुमार सिंह, लोकेश्वर सिंह, शरतचंद्र सिंह, मौजूदा पार्टी शामिल हैं। –आईएएनएस आरएचए/एएनएम





