नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ रेप व हत्या को लेकर पूरे देश में आक्रोश है। सभी राजनीतिक दल एक-दूसरे पर तरह-तरह के आरोप लगा रहे हैं, लेकिन अब ये मामला आरोप से बढ़कर धमकी तक पहुंच गया है। बीजेपी के बंद और आरोपों से भड़की पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर बंगाल जला तो असम, बिहार, झारखंड, ओडिशा और दिल्ली भी चुप नहीं रहेगा।
अगर बंगाल जला तो…
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल के करीब लोग ढाकी, धामसा मादोल, आदिवासी नृत्य, बाउल और लोक शिल्पी से रोजगार करते हैं। इससे उनका घर चलता है। अगर केंद्र सरकार ने इन्हें बंद किया तो हम पीएम की कुर्सी हिला देंगे। हम ऐसा नहीं होने देंगे। ममता बनर्जी आगे कहती हैं कि बंगाल और बांग्लादेश की संस्कृति एक है। कई लोग बंगाल को बांग्लादेश समझ रहे हैं। वो लोग याद रखें कि अगर बंगाल में आग लगाने की कोशिश की तो पूरे देश में आग लगेगी।
शव से राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है बीजेपी
बीजेपी के बंगाल बंद पर ममता बनर्जी खासी नाराज दिखीं। बीजेपी पर हमला बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने बंद का इसलिए आह्वान किया है क्योंकि वो एक शव से राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं। भाजपा एक युवती की मौत पर आम लोगों की भावनाओं का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। उनका मकसद पीड़िता को न्याय दिलाना नहीं बल्कि बंगाल को बदनाम करना है। वे घटना की जांच को पटरी से उतारने की साजिश रच रहे हैं।
पुलिस की सराहना
इस दौरान मुख्यमंत्री ने नबन्ना अभियान के दौरान हुई हिंसा का सामना करने के लिए पुलिसकर्मियों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि भाजपा समर्थित संगठनों के उकसावे के बावजूद पुलिस ने संयम से काम लिया। खून बहने के बाद भी पुलिस उकसावे का शिकार नहीं हुई, इसकी हम सराहना करते हैं।
ममता बनर्जी ने डॉक्टरों को दी चेतावनी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि डॉक्टर के साथ रेप व हत्या मामले की जांच CBI कर रही है। आज घटना के 16 दिन बीत चुके हैं, लेकिन न्याय नहीं हुआ है। ममता बनर्जी ने प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों से कहा कि वो आग्रह करती हैं कि वो अब काम पर लौट आएं। हम उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। सीएम बनर्जी ने आगे कहा कि इस मुद्दे को लेकर चिकित्सकों से मेरी शुरू से ही सहानुभूति रही है। घटना के इतने दिन बीत जाने के बावजूद हमने इसलिए ही कोई कार्रवाई नहीं की, क्योंकि हम आपका दर्द समझते हैं।




