नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। संसद का मानसून सत्र शुरू होते ही पहले दिन जोरदार हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले, ‘ऑपरेशन सिंदूर’, और डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान सीजफायर दावों पर जवाब मांगा। खरगे ने कहा कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले को लेकर उन्होंने पहले ही सदन में नोटिस दिया था, लेकिन अब तक सरकार ने कोई ठोस जानकारी नहीं दी है। उन्होंने कहा, “हमने सरकार को बिना शर्त समर्थन दिया ताकि देश की एकता बनी रहे और सेना का मनोबल बढ़े, लेकिन हम यह भी जानना चाहते हैं कि आतंकियों को अब तक क्यों नहीं पकड़ा गया? खरगे ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने खुद इस हमले में खुफिया चूक स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि हम यह नहीं कह रहे, बल्कि LG ने यह बात खुद कही है।
ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल
खरगे ने आगे कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर CDS (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ), डिप्टी आर्मी चीफ और एक वरिष्ठ डिफेंस अधिकारी ने गंभीर खुलासे किए हैं, जिनकी जानकारी संसद और देश को दी जानी चाहिए। खरगे ने सबसे चौंकाने वाला मुद्दा अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान को बताया। उन्होंने कहा, “ट्रंप ने 24 बार कहा कि उनके हस्तक्षेप से भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर हुआ। ये बात बेहद शर्मनाक है। एक विदेशी नेता बार-बार यह दावा करे और हमारी सरकार खामोश रहे, यह देश के सम्मान से जुड़ा मुद्दा है।
खरगे की मांग, दो दिन की बहस होनी चाहिए
खरगे ने साफ तौर पर कहा कि इन मुद्दों पर सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे सवाल किया और मांग की कि पहलगाम हमले, ऑपरेशन सिंदूर, सुरक्षा चूक और विदेश नीति पर दो दिन की खुली बहस कराई जाए। मानसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष हमलावर मूड में है। मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार से जवाबदेही की मांग की है और अब देखना होगा कि सरकार इन गंभीर आरोपों पर संसद में क्या रुख अपनाती है।





