नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मालेगांव म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफिस में कर्मचारियों और लोगों द्वारा नमाज पढ़े जाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस मामले में बीजेपी नेता और महाराष्ट्र के विधायक नितेश राणे ने विवादित बयान देते हुए कहा कि नगर निगम परिसर में नमाज पढ़ने का कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं है।
”अब वे टीपू सुल्तान के चित्र लगाते हैं”
नितेश राणे ने विधानसभा परिसर के बाहर मीडिया से कहा कि जनता ने प्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए चुना है, न कि निगम कार्यालय में धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय कुछ लोग “जय भीम” का नारा देते हैं, लेकिन चुनाव के बाद यह कहीं दिखाई नहीं देता। इसके बजाय अब वे टीपू सुल्तान के चित्र लगाते हैं और बाबा साहेब आंबेडकर को भूल जाते हैं।
म्युनिसिपल ऑफिस में नमाज पर नितेश राणे का बयान
नितेश राणे ने कहा कि मालेगांव म्युनिसिपल इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट ऑफिस में कर्मचारियों और आम लोगों द्वारा नमाज पढ़ी गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उन्होंने इसे चुनाव पूर्व और चुनाव पश्चात की असंगत गतिविधियों से जोड़ते हुए कहा कि मालेगांव में विकास कार्यों के लिए प्रतिनिधि चुने गए हैं, जिहाद करने के लिए नहीं।
मदरसों को स्कूल में बदलने की मांग
नितेश राणे ने मदरसों पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि राज्य में मदरसों की आवश्यकता नहीं है और कुरान की पढ़ाई के लिए मस्जिद पर्याप्त हैं। उन्होंने कहा कि मदरसे आतंकवादी तैयार करने का केंद्र बन चुके हैं और शिक्षा का उद्देश्य नहीं निभाते। राणे ने मुख्यमंत्री से सभी मदरसों को बंद करके स्कूलों में बदलने की मांग करने की बात कही।
”गीता पढ़ाने की कोशिश की होती तो क्या अनुमति मिलती”
उन्होंने आगे कहा, अगर इस्लामिक राष्ट्र में किसी ने भागवत गीता पढ़ाने की कोशिश की होती तो क्या अनुमति मिलती? वहीं मराठी या अन्य विषयों की शिक्षा नहीं दी जाती, सिर्फ उर्दू सिखाई जाती है।
मुंबई-कोंकण जलमार्ग परियोजना पर जानकारी
इसके साथ ही राणे ने बताया कि देवेंद्र फडणवीस सरकार मुंबई को कोंकण से जोड़ने वाले जलमार्ग पर काम कर रही है। मार्च से मुंबई और विजयदुर्ग के बीच रो-रो सेवा शुरू होने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और टिकट बुकिंग भी शुरू हो गई है। इस परियोजना से कोंकण क्षेत्र के लोग लाभान्वित होंगे और पर्यटन, कृषि व रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।





