नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। गुजरात के वडोदरा जिले में महिसागर नदी पर बना एक पुराना पुल अचानक गिर गया, जिससे अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। यह पुल करीब 43 साल पहले, 1985 में बनाया गया था। हादसे के वक्त कई वाहन पुल पर थे, जो गिरते ही नदी में समा गए। राहत और बचाव का काम जारी है।
गडकरी का सख्त संदेश: “मैं ठोकूंगा!”
इस हादसे पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा,”अगर कोई गड़बड़ी रोड या पुल निर्माण में पाई जाती है तो मैं छोड़ने वाला नहीं हूं। मैंने कई रिकॉर्ड बनाए हैं, लेकिन अब मेरा फोकस है – जो भी अधिकारी या ठेकेदार देश की संपत्ति से खिलवाड़ करेगा, मैं ठोकूंगा। गडकरी ने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना और जानबूझकर की गई लापरवाही दो अलग-अलग बातें हैं। अगर गलती अनजाने में हुई हो तो माफी मिल सकती है, लेकिन जानबूझकर किया गया फ्रॉड माफ नहीं किया जाएगा।
देश में पुल हादसे बनते जा रहे हैं आम
महिसागर पुल हादसा कोई पहला मामला नहीं है। हाल के महीनों में देश में कई पुल हादसे हो चुके हैं जून 2024 बिहार के सहरसा जिले के पामा गांव में पुल गिरा, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। जुलाई 2024 गंडकी नदी पर बना पुल गिरा, स्थानीय लोग बाल-बाल बचे। अक्तूबर 2022 गुजरात के मोरबी में केबल ब्रिज टूटा, 135 लोगों की मौत हुई थी। यह देश का सबसे बड़ा पुल हादसा माना जाता है।
जांच और कार्रवाई की तैयारी
गडकरी ने कहा कि पुल निर्माण में लगे हर व्यक्ति की जवाबदेही तय की जाएगी। अगर कहीं भी भ्रष्टाचार या लापरवाही मिली, तो सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि वह खुद इस तरह के मामलों पर नजर बनाए हुए हैं और दोषियों को सजा दिलाकर रहेंगे। महिसागर पुल हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या हमारे पुल और सड़कें सुरक्षित हैं? नितिन गडकरी का सख्त रुख उम्मीद जगाता है कि अब लापरवाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। देश की संपत्ति और लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने वालों को अब सीधे जवाब देना होगा।




