नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हालिया बयान ने राज्य की राजनीति में नई सरगर्मी पैदा कर दी है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान देवेंद्र फडणवीस ने कहा था “दिल्ली अभी दूर है।” इस छोटे से वाक्य ने सियासी गलियारों में कई तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान के पीछे दो संकेत छिपे हो सकते हैं । पहला, यह कि देवेंद्र फडणवीस ने अपने सहयोगी दलों को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव तक मुख्यमंत्री पद पर वही बने रहेंगे और दूसरा, उन्होंने यह भी जताया है कि फिलहाल उनका दिल्ली की राजनीति में जाने का कोई इरादा नहीं है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार इस संदेश को किस रूप में लेते हैं, क्योंकि राज्य की सत्ता में साझेदारी को लेकर पहले से ही आंतरिक खींचतान के संकेत मिल रहे हैं।
फडणवीस के बयान पर कांग्रेस का पलटवार
देवेंद्र फडणवीस के बयान पर अब कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राज्य कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि यह बयान उन लोगों के लिए एक अप्रत्यक्ष चेतावनी है जो मुख्यमंत्री पद पर नजर गड़ाए बैठे हैं। सचिन सावंत ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस ने यह संदेश सीधे एकनाथ शिंदे का नाम लेकर तो नहीं दिया, लेकिन घुमा-फिरा कर कह दिया है। उन्होंने दावा किया कि सीएम का यह बयान भाजपा के भीतर के नेताओं के लिए भी संकेत है, जो राज्य की सत्ता समीकरणों पर नजर रखे हुए हैं। सचिन सावंत ने आगे कहा कि फडणवीस ने साफ कर दिया है कि “न तो कोई नया सहयोगी जुड़ने वाला है और न ही मौजूदा गठबंधन का नेतृत्व बदलेगा।”
फडणवीस के बयान पर NCP (शरद पवार गुट) की चुटकी
देवेंद्र फडणवीस के बयान पर अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) ने भी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने तंज कसते हुए कहा कि फडणवीस का यह बयान मुख्यमंत्री पद के दावेदारों एकनाथ शिंदे और अजित पवार के लिए उनके सपनों को चकनाचूर करने वाला संदेश है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि मौजूदा हालात देखकर “मक्खी मारने” वाला मुहावरा याद आता है।
राजनीतिक हलकों में लंबे समय से यह चर्चा चल रही है कि देवेंद्र फडणवीस जल्द ही केंद्रीय राजनीति में जा सकते हैं। ऐसे में माना जा रहा था कि अगर ऐसा होता है, तो एकनाथ शिंदे और अजित पवार दोनों की मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदें मजबूत हो सकती हैं। हालांकि, देवेंद्र फडणवीस के ताजा बयान ने इन अटकलों को विराम दे दिया है। अब जहां विपक्षी दल इस बयान को सत्ता संघर्ष का संकेत मान रहे हैं, वहीं शिंदे गुट और एनसीपी (अजित पवार गुट) के कुछ नेताओं को अभी भी भरोसा है कि राजनीतिक परिस्थितियां भविष्य में बदल सकती हैं।
शिंदे और अजित के करीबी नेताओं का दावा
एक रिपोर्ट के अनुसार, एकनाथ शिंदे गुट के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। उन्होंने कहा, “सब कुछ अनिश्चित है, लेकिन एक दिन एकनाथ शिंदे निश्चित रूप से मुख्यमंत्री पद तक पहुंचेंगे।” रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के नेताओं का मानना है कि उपमुख्यमंत्री पवार न केवल ऊर्जावान नेता हैं, बल्कि राजनीति में संख्या बल (नंबर गेम) का महत्व भी अच्छी तरह समझते हैं। उनका तर्क है कि कोई भी दल, जिसके पास बहुमत है, वह अपने सहयोगी को मुख्यमंत्री पद पर बैठाने का निर्णय तभी ले सकता है, जब परिस्थितियां अनुकूल हों।
राज्य में वर्तमान में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में भाजपा, शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल हैं। वर्ष 2022 में शिवसेना से अलग होने के बाद एकनाथ शिंदे ने विधानसभा चुनाव तक मुख्यमंत्री पद संभाला था, जबकि देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री थे। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 132 सीटें जीतकर देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाया, जबकि एकनाथ शिंदे को उपमुख्यमंत्री का पद मिला। इससे स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर गठबंधन के भीतर संभावनाएं और राजनीतिक खेल अभी भी जारी हैं।





