नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar के प्लेन क्रैश में निधन के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। इस हादसे को लेकर Rohit Pawar ने इसे साजिश करार देते हुए जांच की मांग तेज कर दी है। रोहित पवार इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों के साथ बारामती थाने पहुंचे।
थाने के बाहर हंगामा
जब रोहित पवार अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे तो वहां हंगामे की स्थिति बन गई। उनके साथ युगेंद्र पवार और राजेंद्र पवार भी मौजूद थे। बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को भीड़ को संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। रोहित पवार ने इस विमान हादसे को लेकर Directorate General of Civil Aviation (डीजीसीए) के खिलाफ शिकायत दी है। उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री Ram Mohan Naidu पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
पीएम मोदी को भी लिख चुके हैं पत्र
रोहित पवार इस मामले में प्रधानमंत्री Narendra Modi को भी पत्र लिख चुके हैं। उन्होंने पत्र में वीएसआर कंपनी और मंत्री के बीच कथित संबंधों की जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक मंत्री को पद से इस्तीफा देना चाहिए, ताकि जांच पर किसी तरह का दबाव या हस्तक्षेप न हो। रोहित पवार का दावा है कि 28 जनवरी को हुए इस घातक विमान हादसे में शामिल ‘वीएसआर’ कंपनी को बचाने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि जिस दिन अजित पवार का पोस्टमॉर्टम चल रहा था, उसी दिन दोपहर 1:36 बजे डीजीसीए ने शुरुआती रिपोर्ट जारी कर दी। रिपोर्ट में कहा गया था कि कंपनी के ऑडिट में कोई बड़ी सुरक्षा कमी नहीं पाई गई। इसी को लेकर रोहित पवार ने सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की गहराई से जांच की मांग की है।





