नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाकुंभ में भगदड़ मचने के बाद प्रयागराज की तरफ जाने वाले वाहनों की एंट्री बंद कर दी गई है। वाहनों को अलग-अलग जिलों की सीमाओं पर रोका जा रहा है। प्रयागराज की सीमाएं बाहरी वाहनों के लिए सील हैं। वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, मऊ समेत कई जिलों की सीमा पर श्रद्धालुओं के वाहनों को रोक दिया गया है। मेला प्रशासन की अनुमति के बाद ही आवागमन की अनुमति दी जाएगी।
प्रयागराज की सीमाएं बाहरी गाड़ियों के लिए सील कर दी गई हैं।
पुलिस प्रशासन की टीमें महाकुंभ में भगदड़ के बाद से हालात संभालने में जुटी हुई हैं।प्रयागराज की सीमाएं बाहरी गाड़ियों के लिए सील कर दी गई हैं। वाराणसी से प्रयागराज की तरफ जाने वाले वाहनों को भदोही के बाबूरसाय में रोका गया है। जिससे हाईवे पर जाम लग गया है। वाराणसी में मिर्जामुराद के रखौना स्थित रिंग रोड के पास प्रयागराज की तरफ जा रही गाड़ियों को राक दिया गया है।
जौनपुर से वाराणसी होकर जाने वाली गाड़ियों को बाबतपुर इलाके में रोका और वापस किया जा रहा है। वाराणसी में ही मिर्जामुराद क्षेत्र के गुड़िया गांव के पास भी प्रयागराज की तरफ जा रही गाड़ियों को बैरिकेडिंग करके रोका गया है।
पांच होल्डिंग एरिया में श्रद्धालु को रोका जा रहा है।
भदोही के एसपी डॉक्टर तेजवीर सिंह ने बताया कि प्रयागराज जिला प्रशासन की तरफ से मिले निर्देश के बाद भदोही में हाईवे पर गाड़ियों को महाकुंभ की ओर नहीं जाने दिया जा रहा है। जिले में बनाए गए पांच होल्डिंग एरिया में श्रद्धालु को रोका जा रहा है। जहां पर भोजन, नाश्ता, स्नान और ठंड से बचाव के इंतजाम किए जा रहे हैं। अगला आदेश मिलने पर ही लोगों को संगम की ओर जाने दिया जाएगा। जाम समाप्त करने को अफसर संग फोर्स मार्गों पर तैनात है।
फिलहाल 24 घंटे तक कोई भी वाहन प्रयागराज सीमा में प्रवेश नहीं कर सकता है। पुलिस प्रशासन का सख्त पहरा है। ईटहरा बॉर्डर पर जाम की स्थिति बनी हुई है। डीएम दिनेश चंद्र ने 24 घंटों के लिए महाकुंभ में जाने वाले वाहनों को जो जहां है वहीं पर रोकने का आदेश दे दिया है।
जौनपुर बॉर्डर पर रोके वाहन
मुंगराबादशाहपुर तक पहुंची रोडवेज की बसों और निजी वाहनों को वापस किया जा रहा है। कुछ निजी वाहनों से आए श्रद्धालुओं की जिद के आगे प्रशासन नमस्तक है। श्रद्धालु हर हाल में प्रयागराज जाकर स्नान करना चाहते हैं। सतहरिया व ईटहरा में बसों को पूरी तरह से रोक दिया गया है। सीओ मछलीशहर परमानंद कुशवाहा ने बताया कि मेला प्रशासन कि अनुमति जब तक नहीं मिलती तब तक बॉर्डर बंद रहेंगे। बॉर्डर खुलने में 48 से 56 घंटे का समय भी लग सकता है।




