चेन्नई, 26 मार्च (आईएएनएस)। रेल हादसों में हाथियों की मौत से संबंधित तमिलनाडु वन विभाग की याचिका पर सुनवाई करते हुये मद्रास हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि वह खुद ही नौ और दस अप्रैल को पलक्कड़-कोयम्बटूर काॅिरडोर का निरीक्षण करेगी। पलक्कड़-कोयम्बटूर कॉरिडोर पर मधुकराई क्षेत्र में आये दिन चलती ट्रेन से हाथियों की मौत हो जाती है और इसे लेकर वन विभाग और दक्षिण रेलवे के बीच वाद-विवाद होता रहता है। तमिलनाडु वन विभाग ने इसी मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर जस्टिस वी भारतीदसन और जस्टिस एन सतीशकुमार की खंडपीठ ने सुनवाई की। हाल में इसी रेल पटरी पर मंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेस से कटकर एक छोटे हाथी समेत तीन हाथियों की मौत हो गयी थी। वन विभाग ने इसी कारण इस इलाके में रेलवे को ट्रेन की गति धीमी रखने के लिये कहा। रेलवे ने इसका विरोध करते हुये कहा कि वह ट्रेन की गति कम नहीं कर सकता है, क्योंकि निर्धारित गति से ट्रेन के धीमा चलने से किसी और जगह दुर्घटना हो सकती है। खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कहा कि वह खुद ही मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेगी। खंडपीठ ने साथ ही नीलगिरि जिले में कोर्ट के आदेश के बावजूद दुकानदारों द्वारा प्लास्टिक का धड़ल्ले से इस्तेमाल करने पर गहरा रोष जताया। खंडपीठ ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि वह ऐसे दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। जिलाधिकारी ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट को बताया कि प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रशासन ने जुर्माने की व्यवस्था की है। इस पर खंडपीठ ने कहा कि ऐसे दुकानदारों को जुर्माने से रास्ते पर नहीं लाया जा सकता है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि वह प्लास्टिक का सामान बेचने वाले दुकानों को सील कर दें। खंडपीठ ने साथ ही तमिलनाडु स्टेट मार्के टिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करे कि नीलगिरि जिले में प्लास्टिक की बोतल में शराब नहीं बेची जाये। हाईकोर्ट ने कहा कि प्लास्टिक के अधिक इस्तेमाल से तमिलनाडु की पर्यटन स्थल के रूप में छवि खराब हुई है। खंडपीठ ने आह्वान किया कि सभी लोग पर्यावरण की सोचें और प्लास्टिक के सामान का इस्तेमाल न करें। –आईएएनएस एकेएस/एएनएम





