नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। लखनऊ में मेट्रो सफर को और बेहतर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मेट्रो विस्तार के सेकेंड फेज में तीन प्रमुख स्टेशन चारबाग, मेडिकल कॉलेज और चौक की लोकेशन बदलने का फैसला लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण क्षेत्र में जमीन की कमी और सुरक्षा कारणों से यह बदलाव जरूरी हुआ है। हालांकि, मेट्रो प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि यात्रियों को इससे किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। नए स्थान भी यात्रियों की पहुंच में आसान होंगे।
चारबाग से वसंतकुंज तक बनेगा नया कॉरिडोर
शहर में मेट्रो विस्तार का दूसरा चरण चारबाग से वसंतकुंज तक 11.16 किमी लंबे रूट पर बनाया जाएगा। इस रूट पर कुल 12 नए स्टेशन बनाए जाएंगे। इसमें कई स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे, ताकि घनी आबादी वाले इलाकों में भी मेट्रो पहुंच सके। इस विस्तार से अमीनाबाद, चौक, ठाकुरगंज और आसपास के क्षेत्रों को बड़ी राहत मिलने वाली है, जहां अभी तेज और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की कमी है।
डिपो निर्माण के लिए LDA ने शुरू की प्रक्रिया
मेट्रो संचालन के लिए डिपो की जरूरत होती है। इसके लिए वसंतकुंज योजना के सेक्टर-A में 1.80 लाख वर्ग मीटर जमीन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एलडीए ने कहा है कि जमीन का आवंटन इस तरीके से किया जाएगा कि पहले से जिनका प्लॉट बंटा है, उन्हें किसी तरह का नुकसान न हो। सेकेंड फेज निर्माण में लगभग 5,800 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। मेट्रो प्रशासन ने लक्ष्य रखा है कि निर्माण कार्य को अगले 5 वर्षों के भीतर पूरा कर दिया जाए। नए साल से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। जमीन, सर्वे और तकनीकी अनुमोदन पर काम पहले ही काफी आगे बढ़ चुका है।
यात्रियों को होगा बड़ा फायदा
इस विस्तार के बाद पुराने बाजार और घनी बस्तियों तक मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ेगी ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी चारबाग मेट्रो स्टेशन इंटरचेंज स्टेशन बन जाएगा रोजगार और व्यापार को मजबूती मिलेगी लखनऊ मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि शहर के विकास के लिए यह प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण है। जल्द ही नए रूट और स्टेशनों की फाइनल लोकेशन की आधिकारिक घोषणा भी की जाएगी।





