नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । दिल्ली हाई कोर्ट ने कथित कैश फॉर क्वेरी विवाद में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर तत्काल आदेश देने से इनकार कर दिया है। महुआ ने अगली सुनवाई तक लोकपाल को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की सुनवाई से रोकने की मांग की थी, क्योंकि उनका आरोप था कि निशिकांत दुबे ने लोकपाल कार्यवाही की गोपनीयता का उल्लंघन किया है। हालांकि, कोर्ट के इस आदेश के बाद बीजेपी सांसद ने प्रतिक्रिया देते हुए महुआ मोइत्रा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चैन से सोने दीजिए, क्यों बैचेन होती हैं?
निशिकांत दुबे का एक्स पर तीखा जवाब
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर महुआ मोइत्रा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि “गरीब की लुगाई सब की भौजाई, कुछ भी हो जाए आरोप तो दुबे पर ही लगाना है? हम गांव देहात के आदमी हैं, चैन से सोने दीजिए, क्यों बैचेन करती हैं। मेरी चुप्पी भी आपको क्यों परेशान करती है?” इस पोस्ट में उन्होंने साफ इशारा दिया कि वे राजनीतिक आरोपों को गंभीरता से नहीं लेते और उनके खिलाफ लगाए जा रहे दावों को एक राजनीतिक रणबाजी मानते हैं।
हाई कोर्ट ने महुआ मोइत्रा की याचिका पर क्या कहा ?
दिल्ली हाई कोर्ट की बेंच ने महुआ मोइत्रा की याचिका पर फिलहाल कोई आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की बेंच ने कहा कि इस समय महुआ मोइत्रा की याचिका पर कोई आदेश देना उचित नहीं होगा। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि तृणमूल कांग्रेस सांसद लोकपाल के समक्ष राहत के लिए आवेदन कर सकती हैं।
महुआ मोइत्रा के वकील ने कोर्ट में क्या दी दलील ?
महुआ मोइत्रा की ओर से पेश वकील समुद्र सारंगी ने कोर्ट में दलील दी कि बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकपाल कार्यवाही की गोपनीय जानकारी लीक की है। इसी वजह से अगली सुनवाई में लोकपाल को निशिकांत दुबे से बात करने से रोकने की मांग की गई है। सारंगी ने स्पष्ट किया कि याचिका का मकसद दोष-गुण तय करना नहीं है, बल्कि लोकपाल की कार्यवाही के दौरान हुई गोपनीयता के उल्लंघन के सीमित मुद्दे पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि महुआ मोइत्रा की ओर से कोई टिप्पणी देने से पहले ही गोपनीयता भंग हो चुकी थी।
क्या है कैश फॉर क्वेरी मामला ?
साल 2023 में पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोपों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी। इस मामले में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ लोकपाल के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। लोकपाल की जांच और एथिक्स कमेटी की सिफारिश के बाद दिसंबर 2023 में महुआ मोइत्रा को लोकसभा की सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया था। इस विवाद ने संसद के अंदर और बाहर भारी चर्चा बटोरी थी।





