नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। यूपी के बाराबंकी में ABVP कार्यकर्ताओं और छात्रों की हुई पिटाई के मामले ने बड़ा तूल पकड़ लिया है। पुलिसिया कार्रवाई से नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया और दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस मामले में सीएम योगी ने सख्ती दिखाते हुए CO हर्षित चौहान को सस्पेंड कर दिया है, इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर किया। IG अयोध्या प्रवीण कुमार जांच करेंगे, वहीं मंडलायुक्त को रामस्वरूप यूनिवर्सिटी की डिग्री वैधता जांच का आदेश मिला।
CM योगी के सख्त आदेश
बाराबंकी घटना के बाद सीओ हर्षित चौहान निलंबित, जबकि नगर कोतवाली इंस्पेक्टर और गदिया चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर किए गए। सीएम योगी के आदेश पर अयोध्या रेंज के आईजी प्रवीण कुमार को जांच सौंपी गई है।
बाराबंकी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और ABVP कार्यकर्ताओं पर पुलिस लाठीचार्ज में दो दर्जन लोग घायल हुए। इसी घटना के बाद सीएम योगी ने सख्त रुख अपनाते हुए CO हर्षित चौहान को निलंबित कर दिया और अन्य जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के आदेश दिए।
इस घटना के बाद सरकार ने कठोर कदम उठाते हुए साफ संदेश दिया है कि पुलिस की मनमानी और छात्रों पर इस तरीके की ज्यादती किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी अफसरों पर कार्रवाई कर मामले की जांच बड़े अफसर को सौपी गई है।
बाराबंकी विवाद की जड़
दरअसल, बाराबंकी के रामस्वरूप यूनिवर्सिटी में LLB कोर्स की मान्यता रद्द होने के बावजूद एडमिशन जारी रखने पर छात्र आक्रोशित हो गए। छात्राओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस से उनकी झड़प हुई और हालात बिगड़ते ही ABVP कार्यकर्ताओं व छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया गया।
25 से ज्यादा छात्र गंभीर घायल
पुलिस की इस लाठीचार्ज में 25 से अधिक छात्र और ABVP कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना से गुस्साए छात्रों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालात गंभीर देख खुद सरकार के एक मंत्री अस्पताल पहुंचकर घायलों से मिले।





