नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में मंगलवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.1 मापी गई। भूकंप का केंद्र बंगाल की खाड़ी में 91 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।
कोलकाता समेत कई शहरों में महसूस हुए झटके
सुबह 6:10 बजे आए इस भूकंप के झटके कोलकाता के अलावा पश्चिम बंगाल के अन्य शहरों में भी महसूस किए गए। भूकंप के कारण कई लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं आई है। भूकंप के झटकों के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा, “सुबह 6:10 बजे गूगल का भूकंप अलर्ट मिला। झटके तेज थे, क्या किसी और ने महसूस किए?” वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, “झटकों से अचानक नींद खुल गई और मैंने तुरंत यह पोस्ट कर दी। कोलकाता को सिस्मिक जोन-3 में रखा गया है, जिसका मतलब है कि यहां भूकंप का मध्यम स्तर का खतरा रहता है। हालांकि, यह हिमालय, गुजरात या पूर्वोत्तर भारत की तरह उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में नहीं आता, लेकिन समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस होते रहते हैं। आमतौर पर, इस इलाके में भूकंप का केंद्र बंगाल की खाड़ी, नेपाल या पूर्वोत्तर भारत में होता है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी में भी आया था भूकंप
इससे पहले रविवार को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। वहां आए भूकंप की तीव्रता 3.7 थी। हालांकि, इसमें भी किसी तरह के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली थी। विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के बाद संभावित आफ्टरशॉक्स (झटकों) का खतरा बना रहता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। अगर किसी को दोबारा झटके महसूस हों, तो खुले स्थान पर जाना चाहिए और सावधान रहना चाहिए।





