नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बिहार के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी केके पाठक इन दिनों चर्चा में है। अभी कुछ दिनों पहले तक केके पाठक बिहार सरकार ने अपर मुख्य सचिव केके पाठक को शिक्षा विभाग से हटाकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का अपर मुख्य सचिव बना दिया था। उनकी जगह मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रधान सचिव तथा अपर मुख्य सचिव मंत्रिमंडल सचिवालय डॉ. एस सिद्धार्थ को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया।
सरकार ने केके पाठक को शिक्षा विभाग से हटा कर दिया राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग
सरकार ने केके पाठक को जब शिक्षा विभाग से विदा किया उस समय वो अवकाश पर थे। लेकिन केके पाठक ने अभी तक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में अपना पदभार ग्रहण नहीं किया है। अब वह पदभार ग्रहण करने को लेकर चर्चा में है। लोग पूछ रहें के कि केके पाठक पदभार ग्रहण करेंगे या नहीं। चुकी राज्य सरकार ने अपर मुख्य सचिव केके पाठक का तबादला 13 जून को शिक्षा से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में कर दिया था।
नेम प्लेट और वेबसाइट पर नाम को लेकर पाठक की आपत्ति
विभाग अपनी तरफ से अपर मुख्य सचिव के कक्ष के बाहर केके पाठक का नेम प्लेट लगा दिया था। साथ में उनके नाम का एक नेम प्लेट सर्वेक्षण संस्थान स्थित अपर मुख्य सचिव के कक्ष के बाहर भी लगाया गया था। इसके अलावा विभाग के वेबसाइट पर भी पाठक का नाम फोटो के साथ दे दिया गया था। अब खबर है कि पाठक ने इन सब पर आपत्ति की और कहा की बिना उनकी सहमति से नेम प्लेट क्यों लगाया गया? उनकी आपत्ति के बाद कक्ष के बाहर का नेम प्लेट हटा दिया गया है। और वेबसाइट पर से भी उनका नाम हटा दिया गया।
24 जून तक अवकाश पर है केके पाठक
इस समय राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के नेम प्लेट पर के विभागीय सचिव जय सिंह का नाम है। शिक्षा विभाग में रहने के दौरान ही केके पाठक अवकाश पर चले गए थे। उस समय अवकाश की अवधि 24 जून तक बताई गई थी। अवकाश अवधि में ही पाठक का तबादला राज्य सरकार ने कर दिया था। और डॉ. एस सिद्धार्थ को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया था।
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