नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। राज्यसभा में विदाई समारोह के दौरान राजनीतिक सौहार्द की खास तस्वीर देखने को मिली। नरेंद्र मोदी ने विदा हो रहे वरिष्ठ नेताओं की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन संसदीय व्यवस्था को समर्पित किया है और नए सदस्यों को उनसे सीख लेनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने खास तौर पर मल्लिकार्जुन खरगे, एच डी देवेगौड़ा और शरद पवार का जिक्र करते हुए उनके अनुभव और योगदान को सराहा।
PM मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इन नेताओं ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा संसद को दिया है। उन्होंने कहा नए सांसदों को इनसे सीखना चाहिए कि सदन में निष्ठा के साथ कैसे काम किया जाता है लंबे समय तक संसद में काम करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है पीएम ने यह भी कहा कि संसद में बहस के दौरान मतभेद होते हैं, लेकिन ऐसे मौकों पर सभी नेता दलीय सीमाओं से ऊपर उठ जाते हैं।
राजनीति में पूर्ण विराम नहीं होता
अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि राजनीति में कभी भी फुल स्टॉप नहीं होता। कुछ सदस्य फिर से लौटने की उम्मीद के साथ जा रहे हैं कुछ सदस्य सार्वजनिक जीवन में नई भूमिका निभाएंगे उन्होंने कहा कि सभी नेताओं का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने भाषण में कहा कि जो लोग सार्वजनिक जीवन में होते हैं, वे कभी रिटायर नहीं होते। उन्होंने कहा, देश सेवा का जज्बा ही उन्हें आगे बढ़ाता है राजनीति में रहने वाले लोग न थकते हैं और न ही रुकते हैं
देवेगौड़ा पर हल्का-फुल्का कटाक्ष
खरगे ने पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा का जिक्र करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा: “उन्होंने मोहब्बत हमारे साथ की और शादी मोदी जी के साथ।” उनका यह बयान सदन में हल्के-फुल्के माहौल का कारण बना। विदाई समारोह के दौरान यह साफ दिखा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सभी नेताओं के बीच आपसी सम्मान बना रहता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसे मौके पर सभी नेता एक साथ आकर एक-दूसरे के योगदान को सम्मान देते हैं।




