बेलगाम, 24 मई (हि.स.)। कोरोना संकट में जब आदमी अपनों के पास खड़ा नहीं हो पा रहा है तो ऐसे में एक घोड़े की अंतिम यात्रा से लेकर उसके अंतिम संस्कार में हजारों लोग उमड़ पड़े। पुलिस ने कोविड नियमों के उल्लंघन पर पूरे गांव के चार सौ घरों को सील कर दिया है और शव यात्रा का आयोजन करने वाले 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बेलगाम जिले के गोकाक के एक स्थानीय मठ के एक घोड़े की मौत की खबर फैलने के बाद हजारों लोग उमड़ पड़े। ग्रामीणों की मानें तो यह घोड़ा दिव्य था, इसलिए उसकी मौत पर तमाम लोग रोते-बिलखते दिखे। अंतिम यात्रा के दौरान घोड़े के शव को फूलों से लाद दिया गया। कई भक्तों ने घोड़े के आगे सिर भी नवाया और हाथ जोड़ कर उसे अंतिम विदाई दी। घोड़े की अंतिम यात्रा में शामिल होने वाले ग्रामीणों में इस दौरान कोरोना का डर नहीं दिखा। कोरोना नियमों के विरुद्ध अंतिम संस्कार में बड़ी भीड़ उमड़ने की खबर पर प्रशासन हरकत में आया। जिला प्रशासन ने लगभग चार सौ लोगों की आबादी वाले गांव को सील कर दिया और अंतिम यात्रा के आयोजन से जुड़े 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार सभी गांव वालों की आरटी-पीसीआर जांच कराई जायेगी। हिन्दुस्थान समाचार/सुनील/सुनीत




