नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कन्नौज के रेप केस में नाबालिग की बुआ को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया गया है। दरअसल वह नौकरी दिलवाने के बहाने से नवाब के पास पीड़िता को ले गई थी और जिस समय वारदात को अंजाम दिया गया, उस समय वो कमरे के बाहर ही मौजूद थी। पीड़िता मदद के लिए आवाज लगाती रही लेकिन उसकी मदद के लिए बुआ सामने नहीं आई।
पुलिस ने आज आरोपी बुआ को सुबह 5 बजे उसके मायके जाते हुए गिरफ्तार कर लिया। वह बहुत समय से फरार चल रही थी। पूछताछ के दौरान बहुत सारी जानकारियां निकलकर सामने आई हैं।
एक दूसरे को 5-6 साल से जानते थे नवाब और पीड़िता की बुआ
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद के अनुसार, पीड़िता की बुआ और आरोपी नवाब सिंह यादव एक दूसरे को 5-6 साल से जानते थे और इन दोनों के बीच में फिजिकल रिलेशन भी थे।
नवाब ने पीड़िता की बुआ को बुलाया था
पीड़िता की बुआ ने बताया कि 11 अगस्त को नवाब ने उसे बुलाया था। उस समय वो लखनऊ में थी। उसके साथ पीड़िता भी थी। इसके बाद नवाब के बुलाने पर वो पीड़िता को लेकर उसके कॉलेज पहुंची। पीड़िता ने 112 पर डायल किया और उसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर नवाब को अरेस्ट कर लिया था। पीड़िता की मेडिकल जांच में पुष्टि की गई कि उसके साथ रेप हुआ है।
नवाब पर पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप
नवाब 2006 में कन्नौज सदर सीट से ब्लॉक प्रमुख चुने गए। एक साल बाद ही जब मायावती की सरकार आई तब नवाब के बुरे दिन आ गए और उनपर हत्या की कोशिश, धमकी और वसूली जैसे कई आरोपों में केस दर्ज हुए। अखिलेश के समर्थन की वजह से नवाब हर बार बच जाते थे।
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