नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । ‘हम’ पार्टी के चुनाव चिह्न पर जीत दर्ज करने वाले विधायकों के सम्मान में गया जिले के हरिदास सेमिनरी हाई स्कूल में बीते रविवार को एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मांझी ने खुले मंच से कमीशन को लेकर टिप्पणी कर दी, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। उनके बयान को लेकर विपक्ष के तीखे सवाल उठने की संभावना जताई जा रही है और इसे लेकर सियासी विवाद खड़ा होना तय माना जा रहा है।
मांझी ने दिया ये विवादित बयान
इस कार्यक्रम में जीतन राम मांझी के साथ उनके बेटे और ‘हम’ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन भी मौजूद थे। मंच से बोलते हुए मांझी ने अपने बेटे को पार्टी संगठन को मजबूत करने की सलाह दी। इसी दौरान उन्होंने कमीशन को लेकर ऐसा बयान दे दिया, जिसने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
उन्होंने कहा कि “हर सांसद और विधायक कमीशन लेता है। कम से कम उतना पैसा तो लिया ही जाए जिससे काम चल सके… अगर कोई 10 प्रतिशत नहीं देता तो 5 प्रतिशत ले लो। पाँच प्रतिशत पर ही काम करो। मतलब यह कि हमारे पास ताकत है और हम यह कर सकते हैं… बस इरादा होना चाहिए।” जीतन राम मांझी ने अपने बेटे को स्पष्ट तौर पर कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए इन पैसों का उपयोग किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं अपने सांसद निधि से मिलने वाले कमीशन के जरिए पार्टी को सहयोग देंगे।
“आने वाले चुनाव में पार्टी को 100 सीटें मिलनी चाहिए”
दूसरी ओर, जीतन राम मांझी ने एक और अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में उनकी पार्टी को 100 सीटें मिलनी चाहिए और हम 100 सीटे लेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे अलग झंडे के साथ आगे बढ़ेंगे। इसके लिए उन्होंने अभी से तैयारी करने के निर्देश दिए।
इस दौरान मौजूद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन से मांझी ने कहा कि एनडीए में यह बात साफ तौर पर रखी जाए कि उनके साथ धोखा हुआ है और ईमानदारी नहीं बरती गई। उन्होंने कहा कि पार्टी को कमजोर समझने की गलती की गई है और अगर यह गलती दोबारा दोहराई गई तो वे अपना रास्ता अलग कर लेंगे। मांझी ने बेटे से कहा “हम यही बात रखेंगे, क्योंकि पार्टी के नेता आप हैं और पूरी जिम्मेदारी भी आपकी है। अगर हमें पार्टी का संरक्षक माना जाता है तो यही कदम उठाइए…”





