नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । उत्तर प्रदेश के झांसी में रचना यादव हत्याकांड इन दिनों चर्चा में है। रचना की लाश 7 टुकड़ों में बरामद हुई थी और उसकी हत्या अवैध संबंधों के चलते की गई थी। इस मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश प्रदीप को झांसी के पास मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। इस दौरान उसके दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से हथियार और कारतूस भी जब्त किए हैं।
जानकारी के अनुसार, इस हत्याकांड की सूचना 13 अगस्त मिली थी। दरअसल, झांसी के टोड़ीफतेहपुर थाना क्षेत्र के किशोरपुर गांव में रहने वाले एक किसान को अपने खेत के कुएं में दो बोरियां तैरती हुई दिखी। जब बोरियों को कुंए से बाहर निकाला गया तो उसमें एक महिला के शव के टुकड़े रखे हुए थे। इस घटना में चौंकाने वाली बात यह थी कि शव के कुछ हिस्से (हाथ, पैर और सिर) गायब थे। जिसकी वजह से शव की पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी।
पुलिस ने 8 टीमों का गठन कर सुलझाई हत्या की गुत्थी
इस सनसनीखेज मर्डर केस को सुलझाने के लिए पुलिस ने आठ टीमों का गठन किया। जांच के दौरान कुएं को खाली कराया गया। हालांकि महिला का सिर और पैर अभी भी लापता था। पहचान के लिए आसपास के इलाकों में 1000 से ज्यादा पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों की मदद से एक शख्स ने पुलिस से संपर्क किया और बताया कि उसकी बहन चार दिनों से लापता है। इसके बाद महिला की पहचान मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ की रहने वाली रचना यादव के तौर पर हुई।
जेठ के साथ चल रहे मुकदमे और निजी रिश्ते बने हत्या की वजह
जांच में पता चला कि रचना यादव विधवा थीं और उनका अपने जेठ के खिलाफ लंबा मुकदमा चल रहा था। इस दौरान, महेवा गांव के पूर्व प्रधान संजय पटेल ने उनका साथ दिया। इसी बीच रचना और संजय के बीच संबंध भी बन गए। जब रचना ने शादी के लिए दबाव बनाना शुरू किया, तो संजय ने अपने भतीजे संदीप पटेल और साथी प्रदीप अहिरवार की मदद से रचना की निर्ममता से हत्या करवा दी।
पहले ही पकड़ा गया था मुख्य आरोपी
पुलिस ने पहले ही इस मामले के मुख्य आरोपी संजय पटेल और उसके भतीजे संदीप पटेल को हिरासत में ले लिया था। अब तीसरे आरोपी प्रदीप की गिरफ्तारी के साथ ही यह हत्या का मामला पूरी तरह से हल हो गया है। पुलिस टीमों ने लगातार दबिश दी और मुठभेड़ के बाद प्रदीप को गिरफ्तार किया।
पूर्व प्रधान संजय पटेल निकला हत्या का साजिशकर्ता
रचना यादव हत्या मामले में मुख्य आरोपी संजय पटेल, जो महेवा गांव के पूर्व प्रधान हैं, उसने पुलिस को कई चौंकाने वाले तथ्य बताए हैं। संजय के मुताबिक, रचना ने पहले अपने पहले पति और बच्चों को छोड़ दिया था। बाद में दूसरे पति की मौत के बाद, वह अपने ससुराल वालों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही थी, जिसमें संजय पटेल उसकी मदद कर रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच संबंध गहरे हुए और वे लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। लेकिन कुछ समय बाद रचना ने संजय पर कोर्ट मैरिज और पैसों को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस दबाव से परेशान होकर संजय ने अपने साथियों के साथ मिलकर रचना की बेरहमी से हत्या कर दी और शव के टुकड़े कर अलग-अलग जगह फेंक दिए।
रचना यादव की कहानी
रचना यादव की पहली शादी टीकमगढ़ में हुई थी, जिससे उनके दो बच्चे थे। पांच साल बाद पति से अनबन होने के कारण वह अपने मायके लौट आईं। इसके बाद झांसी के महेवा गांव के शिवराज यादव के साथ उनके संबंध बन गए और वह उनके साथ रहने लगीं। साल 2023 में शिवराज से विवाद के बाद रचना ने उसके बड़े भाई पर दुष्कर्म और हत्या की कोशिश का आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज कराई। इस मामले की पैरवी करते हुए उनकी मुलाकात तत्कालीन ग्राम प्रधान संजय पटेल से हुई, जहां से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं।





