नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। गुरुवार को जैसे ही जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा के सत्र की शुरुआत हुई वैसे ही देखते ही देखते कुछ ही मिनटों में वह जंग का अखाड़ा बन गई। दरअसल, यह पूरा बवाल आर्टिकल 370 को लेकर शुरु हुआ। 6 नवंबर को जम्मू कश्मीर सरकार में डिप्टी CM सुरिंदर शर्मा ने आर्टिकल 370 को लेकर प्रस्ताव पेश किया था जिसका सदन में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने विरोध किया। यही मुद्दा आज भी सदन में गर्माता हुआ दिखाई दिया। बारामूला के सांसद इंजिनियर राशिद के भाई ने आर्टिकल 370 की बहाली को लेकर एक बैनर दिखाया जिसके बाद मामला इतना बिगड़ गया कि मार्शलों के बीच बचाव करना पड़ा।
मार्शलों को करना पड़ा बीच बचाव
खुर्शीद अहमद के बैनर दिखाने और नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा के विरोध जताए जाने के बाद मामला इतना हाथ से निकल गया कि सदन में मार्शलों को बुलाकर विधायको को शांत कराने की कोशिश की। जब मामला शांत नही होता दिखा तो कुछ विधायकों को सदन से बाहर भी निकाला गया। जम्मू कश्मीर विधानसभा के स्पीकर ने बड़ा बयान देते हुए बताया कि “विधायक नेशनल ऐंबलम पर जूतों से वार किया जो कि बेहद शर्मनाक है”।
आतंक को वापस जम्मू कश्मीर में लाना चाहती है सरकार- BJP
इस पूरे मामले पर जम्मू कश्मीर ने पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल शर्मा ने कहा कि- “आर्टिकल 370 इतिहास बन चुकी है, इस मामले को दोबारा उठाकर उमर सरकार पाकिस्तान का हौंसला न बढ़ाए।” इसके अलावा बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने उमर अबदुल्ला सरकार पर वार करते हुए कहा कि कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववाद की वजह आर्टिकल 370 ही था। उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि बीजेपी इस मुद्दे पर आर्टिकल 370 के समर्थित दलों की विधानसभा के अंदर भी और बाहर भी ईंट से ईंट बजा देगी।




