नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। राजस्थान के जयपुर में सोमवार दोपहर एक बेकाबू डंपर ने कहर बरपा दिया। डंपर ने पहले एक कार को टक्कर मारी, फिर एक के बाद एक 5 अन्य गाड़ियों और कई बाइक को रौंद दिया। इस भयानक हादसे में 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई घायल गंभीर हालत में हैं, जिनका इलाज जयपुर के SMS अस्पताल में चल रहा है।
हरमाड़ा थाना क्षेत्र में मची अफरातफरी
यह हादसा हरमाड़ा थाना इलाके के लोहामंडी रोड पर हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक, डंपर का ब्रेक फेल हो गया था। डंपर चालक ने नियंत्रण खो दिया और तेज रफ्तार में सामने जो भी आया, उसे कुचलता चला गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया डंपर पहले एक कार से टकराया, फिर बिना रुके करीब 4-5 किलोमीटर तक गाड़ियां और लोगों को रौंदता चला गया। जो भी रास्ते में आया, उसे नहीं बख्शा।
50 से ज्यादा लोग आए चपेट में
पुलिस और राहत दल के अनुसार, डंपर ने करीब 5 कारों और कई दोपहिया वाहनों को टक्कर मारी। इस दौरान 50 से अधिक लोग चपेट में आ गए, जिनमें से कई मौके पर ही गिर पड़े। घायलों को तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। पुलिस के शुरुआती जांच में सामने आया है कि डंपर चालक शराब के नशे में था। हादसे के बाद चालक को पकड़ लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई लोग अब भी वाहनों के नीचे दबे हुए हैं।
घटना स्थल पर मचा हाहाकार, जाम से ठप हुआ ट्रैफिक
हादसे के बाद मौके पर भयावह स्थिति बन गई। चारों ओर टूटे हुए वाहन, खून से सनी सड़कें और घायल लोगों की चीखें गूंज उठीं। स्थानीय लोगों ने पुलिस और दमकल विभाग की मदद से राहत-बचाव कार्य शुरू किया। हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
एसएमएस अस्पताल में घायलों का इलाज जारी
घायलों को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी अलर्ट जारी किया है और अतिरिक्त डॉक्टरों को ड्यूटी पर बुलाया गया है। राजस्थान पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने हादसे के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और जिला प्रशासन को पीड़ित परिवारों की मदद करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि ब्रेक फेल होने के साथ-साथ ड्राइवर की लापरवाही और नशा इस हादसे की बड़ी वजह है। जयपुर में इस हादसे के बाद लोगों में गुस्सा और डर दोनों है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों की जांच कड़ी की जाए और शहर के अंदर इनके प्रवेश पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए।





