नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ के मेले को अब कुछ ही दिन बचे है। त्रिवेणी संगम में आस्था डुबकी लगाने भारी संख्या में लोग पहुंच रहे है। इस के सिलसिले में संगम के प्रदूषित पानी के मामले पर उत्तर प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (UPPCB) ने NGT (National Green Tribunal) में एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश किया है। लेकिन इस रिपोर्ट को लेकर एनजीटी संतुष्ट नही है। इस रिपोर्ट में PCB ने बताया कि, संगम का पानी नहाने के लिए उपयुक्त है। बोर्ड ने कहा कि शहर के नालों के जरिए कोई भी प्रदूषित सीवेज सीधे गंगा नदी या यमुना नदी में नहीं छोड़ा जा रहा है। बोर्ड ने कहा प्रयागराज में गंगा और यमुना नदी पर 6 पॉइंट्स पर नदी का पानी नहाने के लिए उपयुक्त है।
कैसा है संगम का पानी?
उत्तर प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (UPPCB) ने बताया कि, शास्त्री ब्रिज के पास बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (Biochemical Oxygen Demand)और फिकल कैलिफॉर्म (Faecal Caliform)के आंकड़ों में हल्की बढ़ोत्तरी हुई है। पर्यावरण मानदंडों को अनदेखा करने वालो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने बताया किसी भी प्रकार के ठोस कचरे को गंगा और यमुना में जाने से रोकने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रयागराज में गंगा और यमुना नदी का पानी 6 पॉइंट्स पर है। इन नदियों के पानी के सैंपल में डिसॉल्व्ड ऑक्सीजन (DO), बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) और फेकल कोलीफॉर्म (FC) का लेवल स्वीकार्य मानकों के अनुसार है।
UPPCB की रिपोर्ट से NGT संतुष्ट नहीं
वहीं बोर्ड ने बताया कि, नदी का पानी साफ रहे इसके लिए बोर्ड हर तरह से प्रयासरत है, और तटों की निगरानी कर रहा है। नदी के पानी को लेकर रिपोर्ट नियमित रूप से UPPCB की वेबसाइट पर लगातार अपलोड की जा रही है। हालांकि, NGT बोर्ड की इस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है। NGT ने यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की इस रिपोर्ट पर नाराजगी जाहिर की है। NGT ने बोर्ड से कहा है कि, वह CPCB की रिपोर्ट पर कार्रवाई करे। UPPCB गंगा-यमुना में पानी की गुणवत्ता को लेकर एक हफ्ते में नई रिपोर्ट दाखिल करेगा। अगली सुनवाई 28 फरवरी को होगी।
हर रोज डोर-टू-डोर कचरे की सफाई
महाकुंभ मेले के दौरान साफ-सफाई लेकर नगर निगम सख्त है, वो लगातार इस व्यवस्था में लगा हुआ है। प्रयागराज नगर आयुक्त ने महाकुंभ मेला 2025 और प्रमुख स्नान तिथियों के दौरान निगम की और से क्षेत्र में कचरा उठाने के लिए 3 एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इन एजेंसियों की तरफ से हर रोज डोर-टू-डोर कचरा उठाया जा रहा है। इसके साथ ही, सड़क और नालों की सफाई के लिए 8,000 सफाई मित्रों को तैनात किया गया है। यहां हर रोज वैज्ञानिक तरीके से ठोस कचरे का निपटान किया जाता है।






