नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया AI-171 विमान हादसे की जांच अब अहम मोड़ पर है। जांच एजेंसियों को दोनों ब्लैक बॉक्स (CVR और FDR) से सफलतापूर्वक डेटा निकालने में सफलता मिली है। अब विशेषज्ञ यह जांच कर रहे हैं कि आखिर हादसे की असली वजह क्या थी।
कैसे मिला ब्लैक बॉक्स?
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) 13 जून को एक हॉस्टल की छत पर मिला। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) 16 जून को विमान के मलबे से निकाला गया। दोनों बॉक्सों को पुलिस सुरक्षा में रखा गया और 24 जून को वायुसेना के विशेष विमान से दिल्ली लाया गया। उसी दिन दोनों रिकॉर्डर AAIB की लैब पहुंचाए गए।
डेटा निकालना आसान नहीं था
हादसे में दोनों ब्लैक बॉक्स बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। शुरुआत में लग रहा था कि डेटा निकालना मुश्किल होगा। लेकिन AAIB की टीम और अमेरिकी NTSB के विशेषज्ञों ने मेमोरी मॉड्यूल को सुरक्षित निकालकर डेटा रिकवर कर लिया। अब दोनों रिकॉर्डरों से मिली जानकारी का बारीकी से विश्लेषण हो रहा है।
क्या मिल सकता है हादसे का सुराग?
ब्लैक बॉक्स के डेटा से पता चलेगा कि हादसे से पहले विमान में क्या चल रहा था – पायलटों की बातचीत, तकनीकी अलर्ट, और उड़ान से जुड़ी जानकारी। इससे यह जानने में मदद मिलेगी कि हादसे की वजह मानवीय गलती थी, तकनीकी खराबी या कोई अन्य कारण। एक वीडियो क्लिप में राम एयर टर्बाइन (RAT) को बाहर निकलते देखा गया है, जिससे सिस्टम फेलियर (जैसे इंजन या हाइड्रोलिक खराबी) की आशंका जताई जा रही है।
हादसे में 275 लोगों की मौत
AI-171 बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान था, जो टेकऑफ के सिर्फ 36 सेकंड बाद ही क्रैश हो गया। इस दर्दनाक हादसे में 275 लोग मारे गए। AAIB की टीम जब जांच पूरी कर लेगी, तब एक रिपोर्ट जारी की जाएगी जिसमें बताया जाएगा कि हादसा क्यों हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए। ब्लैक बॉक्स से डेटा मिलना इस जांच में बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे देश को यह समझने में मदद मिलेगी कि इतनी बड़ी विमान दुर्घटना कैसे हुई और आगे इससे कैसे बचा जा सकता है।





