नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस देश-विदेश में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उनके साथ मंच पर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और डिप्टी सीएम पवन कल्याण भी मौजूद थे। इस मौके पर मोदी ने दुनिया को ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ का संदेश दिया और कहा कि योग पूरी दुनिया के लिए शांति और समाधान का रास्ता है।
योग ने पूरे विश्व को जोड़ा: प्रधानमंत्री मोदी
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “योग का मतलब होता है जुड़ना और आज योग ने सच में पूरे विश्व को जोड़ दिया है। चाहे सिडनी ओपेरा हाउस की सीढ़ियां हों, एवरेस्ट की चोटियां हों या समुद्र के किनारे – हर जगह एक ही आवाज सुनाई देती है कि योग सभी का है और सबके लिए है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया जिस तरह के तनाव और चुनौतियों से गुजर रही है, उसमें योग मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। मोदी ने याद दिलाया कि जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित करने का प्रस्ताव रखा था, तब 175 देशों ने इसे समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में इतने देशों का एकजुट होना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
योग फॉर ह्यूमैनिटी 2.0 की शुरुआत का आह्वान
प्रधानमंत्री ने कहा, “आइए, इस योग दिवस को हम ‘योग फॉर ह्यूमैनिटी 2.0’ की शुरुआत बनाएं। अब समय आ गया है कि अंदर की शांति, बाहर की नीतियों का हिस्सा बने।” इस बार योग दिवस का मुख्य आयोजन 26 किलोमीटर लंबे समुद्री कॉरिडोर पर हुआ, जहाँ 3 लाख से ज्यादा लोग एक साथ योग करते नजर आए। यह नजारा दुनिया के सबसे बड़े योग आयोजनों में से एक बन गया।
देशभर में 1 लाख जगहों पर योग, 2 करोड़ लोगों की भागीदारी
इस बार योग दिवस के तहत ‘योग संगम’ नाम से एक बड़ा अभियान चला जिसमें देश के 1 लाख से ज्यादा स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें करीब 2 करोड़ लोग जुड़े। वहीं दुनिया भर के 175 से अधिक देशों में यह दिन मनाया गया, जिसमें लगभग 10 करोड़ लोगों ने भाग लिया।
नायडू और पवन कल्याण का संदेश
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने योग को केवल भारत में नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में लोकप्रिय बनाकर इसे ‘ग्लोबल वेलनेस मूवमेंट’ का रूप दिया है।
वहीं डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने योग को आंतरिक शक्ति और एकता का प्रतीक बताया। इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम रही “One Earth, One Health – एक धरती, एक स्वास्थ्य के लिए योग”, जो यह बताती है कि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़े हैं और योग इन दोनों के बीच संतुलन लाने का सबसे सरल रास्ता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि विश्वभर के लिए एकजुटता, स्वास्थ्य और शांति का संदेश बन गया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने योग को वैश्विक पहचान दिलाई है और अब यह हर कोने तक पहुंच रहा है, चोटियों से समुद्र तक, शहरों से गांवों तक।





