back to top
25.1 C
New Delhi
Monday, March 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

हरियाणा कांग्रेस में अध्‍यक्ष की नियुक्ति पर अंदरूनी कलह, डैमेज कंट्रोल करने आलोचकों से मिले राव नरेंद्र सिंह

हरियाणा कांग्रेस के नए अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह की नियुक्ति को लेकर पार्टी में अंदरूनी कलह सामने आया है। कैप्टन अजय सिंह यादव इस नियुक्ति को पार्टी आलाकमान के फैसले पर सवाल उठाए हैं।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । हरियाणा कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के नियुक्त होने के बाद पार्टी में उठे विरोध के सुरों को शांत करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। राव नरेंद्र की नियुक्ति के खिलाफ कई वरिष्ठ नेताओं ने खुलकर असहमति जताई थी। कैप्टन अजय सिंह यादव ने आलोचना करते हुए कहा था कि किसी स्वच्छ छवि वाले नेता को कमान मिलनी चाहिए थी, लेकिन पार्टी ने इसके उलट फैसला लिया, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हुआ है। इस घटनाक्रम को कांग्रेस के भीतर आंतरिक कलह और गुटबाजी के संकेत के तौर पर देखा गया, लेकिन राव नरेंद्र सिंह ने खुद आगे बढ़कर डैमेज कंट्रोल की पहल की है। 

नए प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने मंगलवार को उन नेताओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, जिन्हें उनका विरोधी खेमे का नेता माना जाता है। इनमें चौधरी वीरेंद्र सिंह और रणदीप सुरजेवाला जैसे नाम शामिल हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने खिलाफ सार्वजनिक बयान देने वाले कैप्टन अजय यादव से भी मुलाकात कर माहौल को सुधारने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि अब मुलाकात के दौरान अजय यादव ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए संगठनात्मक मजबूती और सहयोग का आश्वासन दिया है।

हरियाणा कांग्रेस में खुलकर सामने आई अंदरूनी कलह

हरियाणा में विधानसभा चुनाव को अब एक साल से भी कम वक्त बचा है, लेकिन कांग्रेस पार्टी लंबे समय तक नई टीम का गठन नहीं कर पाई थी। यहां तक कि विधानसभा में नेता विपक्ष की घोषणा तक नहीं की गई थी। अब जब पार्टी ने संगठनात्मक ढांचे में बदलाव करते हुए नई टीम की घोषणा की, तो नेता प्रतिपक्ष के मसले पर कांग्रेस हाईकमान एक बार फिर भूपेंद्र सिंह हुड्डा से आगे नहीं बढ़ सका। हालांकि पार्टी ने संगठन में संतुलन साधते हुए ओबीसी समुदाय से आने वाले राव नरेंद्र सिंह को हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बना दिया, लेकिन उनके नाम के ऐलान के साथ ही आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई। पार्टी के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने इस फैसले पर पर सवाल उठाते हुए नेतृत्व की प्राथमिकताओं पर नाराजगी जताई है।

खुद ओबीसी होते हुए भी अजय यादव क्यों नाराज?

कैप्टन अजय सिंह यादव, जो स्वयं ओबीसी समुदाय से आते हैं और प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में थे, उनकी नाराजगी अब खुलकर सामने आ रही है। माना जा रहा है कि अजय यादव की असहमति सिर्फ नाम को लेकर नहीं, बल्कि चयन की पारदर्शिता और छवि के मुद्दे पर भी है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राव नरेंद्र सिंह पर 2016 में जमीन अदला-बदली से जुड़े एक मामले में भ्रष्टाचार का केस दर्ज हुआ था। भले ही इस केस में अदालत ने आगे की कार्यवाही की हो, लेकिन उनके राजनीतिक विरोधी अब भी इसे एक बड़ा हमला करने का आधार बनाते हैं। जानकारों का मानना है कि अजय यादव ने अपने बयानों में सीधे नाम लिए बिना इसी प्रकरण की ओर संकेत किया है।

दूसरी ओर, कांग्रेस नेतृत्व राव की नियुक्ति को रणनीतिक फैसला बता रहा है। पार्टी के अनुसार, राव नरेंद्र सिंह के पास तीन बार विधायक रहने और स्वास्थ्य मंत्री के रूप में काम करने का अनुभव है। वे अहीरवाल बेल्ट से आते हैं, जो परंपरागत रूप से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। ऐसे में पार्टी ने वहां अपनी पकड़ मजबूत करने के मकसद से उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया है।

Advertisementspot_img

Also Read:

असम चुनाव के लिए कांग्रेस ने 30 सीटों पर तय किए उम्मीदवार, गौरव गोगोई जोरहाट से लड़ सकते हैं चुनाव

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। असम विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक...
spot_img

Latest Stories

Amitabh Bachchan ने सोशल मीडिया पर किया ऐसा ट्वीट, फैंस में मचा तहलका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल...

बंगाल से राज्यसभा की दौड़ में नई एंट्री, ममता बनर्जी ने किया नॉमिनेट, आखिर कौन हैं कोयल मल्लिक?

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की...

The Kerala Story 2 Day 1 Collection: कंट्रोवर्सी के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत ओपनिंग

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोर्ट केस और सियासी विवादों के...

तेहरान समेत ईरान के कई इलाकों में विस्फोट, इजरायल की बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अंतरराष्ट्रीय माहौल आज 28 फरवरी 2026...