नई दिल्ली, 21 अप्रैल (हि.स.)। चीन ने भारत से कहा है कि वह दूरगामी द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए उसकी तरह आधा रास्ता तय करे। चीन ने यह भी कहा कि भारत को सीमा संबंधी विवाद को उचित स्थान पर रखते हुए द्विक्षीय संबंधों को मजबूत और गतिशील बनाने के लिए आगे आना चाहिए। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग जिओजियान ने भारत के साथ संबंधों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि पूर्वी लद्दाख की स्थिति के बारे में कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर दोनों देशों के बीच निरंतर संपर्क कायम है। उन्होंने कहा कि गलवान घाटी और प्योंग त्सो से क्षेत्र में सैनिकों को पीछे हटने के बाद दोनों पक्ष बचे हुए अन्य इलाकों से ऐसा ही करने के संबंध में गहन और खुले मन से विचार कर रहे हैं। प्रवक्ता ने कहा कि भारत को द्विपक्षीय संबंधों के दूरगामी विकास की बड़ी तस्वीर को सामने रखना चाहिए। उनके अनुसार भारत को सीमा विवाद को उचित स्थान पर रखते हुए द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन को आशा है कि भारत उनकी तरह इस दिशा में आधा रास्ता तय करेगा। चीनी प्रवक्ता ने बीजिंग स्थित भारतीय राजदूत विक्रम मिस्री के इस कथन पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं की कि स्वस्थ द्विपक्षीय संबंधों के लिए सीमा पर शांति और सामान्य स्थिति कायम करने के दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के मतैक्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि भारत का पक्ष रहा है कि व्यापक द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए सीमा पर यथा स्थिति और शांति आवश्यक शर्त है। दूसरी ओर चीन का पक्ष है कि सीमा विवाद को एक तरफ रखकर द्विपक्षीय संबंधों के अन्य क्षेत्रों में पहले की तरह ही विकास जारी रखना चाहिए। हिन्दुस्थान समाचार/अनूप




