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Monday, March 2, 2026
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Jharkhand: सरायकेला में कुड़मी समाज का उग्र आंदोलन, नवजात बच्चों को लेकर रेल ट्रैक पर बैठीं महिलाएं

झारखंड के सरायकेला में कुड़मी समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर रेल ट्रैक पर बैठ गये हैं। प्रदर्शकारियों की मांग है कि कुड़मी जाति को अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल किया जाए।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । झारखंड के सरायकेला जिले में कुड़मी समाज की ओर से अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल करने की मांग को लेकर बड़ा विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग को बाधित करते हुए सीनी रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। इस विरोध में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं, जिनमें कई अपने दूधमुंहे बच्चों के साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं। कुड़मी समाज का यह आंदोलन लगातार उग्र रूप लेता जा रहा है और इससे रेल यातायात प्रभावित हुआ।

पुलिस पर भारी पड़े प्रदर्शकारी, ट्रेन सेवा प्रभावित

अनुसूचित जनजाति की मान्यता की मांग को लेकर कुड़मी समाज का आंदोलन उग्र रूप ले रहा है। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बन गई। स्थिति पर नियंत्रण पाने में पुलिस विफल रही। हालांकि प्रशासन ने क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी थी और दावा किया था कि किसी भी हाल में प्रदर्शनकारियों को रेल ट्रैक तक नहीं पहुंचने दिया जाएगा, लेकिन हकीकत इसके उलट निकली। प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक तक पहुंचने में सफल रहे, जिससे रेल सेवाएं बाधित हो गईं। 

धरने में शामिल नवीन महतो ने कहा कि कुड़मी समाज पहले अनुसूचित जनजाति में शामिल था, लेकिन एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत उसे सूची से बाहर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि यह मांग वर्षों से राज्य और केंद्र सरकार के सामने रखी जा रही है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। नवीन महतो ने कहा कि अब हम और इंतजार नहीं कर सकते। जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।

‘रेल टेका’ के नाम से शुरू हुआ आंदोलन अब अनिश्चितकालीन घोषित

कुड़मी समाज द्वारा शुरू किया गया विरोध ‘रेल टेका’ आंदोलन अब अनिश्चितकालीन घोषित कर दिया गया है। यह प्रदर्शन अब पूरी तरह उग्र हो चुका है। प्रदर्शनकारी न सिर्फ रेल यातायात को बाधित कर रहे हैं, बल्कि अपने हक की लड़ाई को और तेज करने का एलान भी कर चुके हैं। आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाएं और छोटे बच्चे भाग ले रहे हैं, जिससे यह विरोध आंदोलन एक अलग ही तस्वीर पेश कर रहा है। जो रेलवे और पुलिस प्रशासन के लिए यह स्थिति बड़ी चुनौती बन चुकी है। स्थानीय रेलवे अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग पर यातायात ठप हो गया है और कई ट्रेनें बीच रास्ते में ही रोक दी गई हैं। 

धरने में शामिल 500 से ज्यादा लोग 

प्रदर्शन स्थल पर 500 से अधिक लोग मौजूद हैं। प्रदर्शनकारियों का उत्साह और जुझारूपन इतना प्रबल रहा कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयासों के बावजूद पीछे हटना पड़ा। पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शनकारी रेल ट्रैक पर बैठकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

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