नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में चक्रवाती तूफान ‘दाना’ को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया है। IMD ने जानकारी दी है कि चक्रवाती तूफान ‘दाना’ बंगाल की खाड़ी की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। जो अगले 48 घंटों में बंगाल और ओडिशा के तटों पर टकरा सकता है। IMD ने चक्रवाती तूफान ‘दाना’ को लेकर मछुआरों को 23 अक्टूबर 2024 से 25 अक्टूबर 2024 के बीच समुद्र में न जाने सलाह दी है।
ओडिशा में 14 जिलों में स्कूल बंद करने के आदेश दिए गए हैं
IMD ने जानकारी दी है कि 24 अक्टूबर 2024 की रात से 25 अक्टूबर 2024 की सुबह के बीच चक्रवाती तूफान ‘दाना’ के बंगाल के सागर द्वीप और उड़ीसा के पुरी के बीच से गुजरने की पूरी संभावना है। IMD ने कहा है कि लैंडफॉल के वक्त चक्रवाती तूफान ‘दाना की अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है।
IMD के अलर्ट के बाद ओडिशा सरकार ने 14 जिलों में 23 अक्टूबर 2024 से 25 अक्टूबर 2024 तक स्कूल बंद करने के आदेश दे दिए हैं। ओडिशा में जिन जिलों में स्कूल बंद करने के आदेश दिए गए हैं, उनमे पुरी, गंजम, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, बालासोर, भद्रक, क्योंझर, मयूरभंज, जाजपुर, ढेंकनाल, खोरधा, अंगुला, कटक और नयागढ़ का नाम शामिल है। वहीं IMD ने पश्चिम बंगाल में 23 अक्टूबर 2024 को पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर और उत्तर और दक्षिण परगना के तटीय जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मुख्यमंत्री मोहन मांझी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
ओडिशा सरकार ने सभी पर्यटकों से 24 अक्टूबर 2024 की रात और 25 अक्टूबर 2024 की सुबह तक पुरी छोड़ने का अनुरोध किया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन मांझी ने अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि चक्रवात से प्रभावित होने की संभावना वाले क्षेत्रों से सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री मोहन मांझी ने चक्रवात आश्रय स्थलों में खाना, पानी और पर्याप्त मात्रा में दवाइयां को रखने का भी आदेश दिया है। मुख्यमंत्री मोहन मांझी ने निर्देश जारी किया है कि चक्रवात के तट पर टकराने से पहले ही सभी मछुआरों को तटों पर लौटने और वहां से सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है।
चक्रवाती तूफान का नाम ‘दाना’ किसने रखा
अब बात आती है कि इस चक्रवाती तूफान का नाम ‘दाना’ किसने रखा।मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार दाना एक अरबी शब्द है। जिसका अर्थ उदारता होता है। चक्रवातों के नाम रखने की एक मानक परंपरा है, जिसके तहत ही कतर ने इस चक्रवात का नाम दाना रखा। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2000 में WMO (विश्व मौसम विज्ञान संगठन) देशों के समूह ने चक्रवातों के नामकरण का फैसला किया था। इन देशों में भारत, बांग्लादेश, म्यांमार, मालदीव, पाकिस्तान, ओमान, थाईलैंड और श्रीलंका शामिल है। वर्ष 2018 में WMO का विस्तार कर दिया गया और इसमें 5 देशों को शामिल कर दिया गया, जिसमे कतर, सऊदी अरब, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और यमन का नाम शामिल है।





