नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । रंगों का त्योहार होली देशभर में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन सभी लोग एक दूसरे को रंग लगाकर शुभकामनाएं देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश का एक ऐसा भी राज्य है जहां एक जनजाति में अगर किसी लड़की पर कोई लड़का रंग डाल दे तो उस लड़के को उस लड़की से शादी करनी पड़ती है। आज हम आपको एक ऐसी ही परंपरा से आपको रूबरू कराएंगे और बताएंगे कि ऐसा क्यों होता है।
दरअसल, कई बार होली के दौरान छेड़छाड़ के कई मामले भी सामने आते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए झारखंड के संथाल आदिवासी समाज ने एक ऐसी प्रथा की शुरुआत की है जो अपने आप में चौंकाने वाली है। परंपरा के अनुसार, संथाल आदिवासियों में अगर किसी लड़की पर कोई लड़का रंग डाल दे तो उसे उस लड़की से शादी करनी पड़ती है। झारखंड में लोहरदगा और कई गांव ऐसे हैं जहां ये परंपरा चली आ रही है। जिसका यहां रह रहे सभी लोग बहुत ही मर्यादा के साथ पालन करते हैं।
यह है इसके पीछे की वजह
झारखंड के साहित्यकार मनोज करपरदार का कहना है कि यह प्रथा हजारों साल से चल रही है। होली पर महिलाओं और पुरुषों के बीच मर्यादा बनी रहे, ये सुनिश्चित करने के लिए इस रिवाज को शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि होली के नाम पर कई बार देखा गया है कि लड़कियों के साथ बदतमीजी होती है। कई बार लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं भी सामने आयी। जिसे देखते हुए संथाल आदिवासी समाज ने ये नियम बनाया है।
क्या है परंपरा
संथाल आदिवासी समुदाय के नियम के अनुसार, अगर इस जाति की लड़कियों पर किसी ने गलती से भी रंग डाला तो सबसे पहले पंचायत बैठाई जाएगी। कई बार लड़कों को इसके लिए सबसे सामने माफी भी मांगनी पड़ती है। जबकि कई बार शादी भी करनी पड़ती है। इस का निर्णय गांव के बुजुर्ग लेते हैं। इसके दौरान लड़की से पूछा जाता है कि क्या वो शादी करना चाहती है। खास बात यह है कि सभी लोग इस परंपरा का बिना सवाल किए पालन करते हैं।





