नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। नोएडा प्राधिकरण में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। 2011 बैच के आईएएस अधिकारी कृष्णा करुणेश को नोएडा अथॉरिटी का नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। उन्होंने डॉ. लोकेश एम की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है। इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले के बाद यह बदलाव किया गया है, जिसको लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल उठे थे।
युवराज मेहता केस के बाद बदला नेतृत्व
सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत का मामला लगातार सुर्खियों में रहा। इस घटना को लेकर सिस्टम की लापरवाही और अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल खड़े हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद संज्ञान लिया और जांच के लिए SIT का गठन किया गया। इसी के बाद तत्कालीन CEO लोकेश एम को पद से हटा दिया गया।
पहले भी नोएडा अथॉरिटी में निभा चुके हैं अहम भूमिका
IAS कृष्णा करुणेश इससे पहले नोएडा प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) के पद पर कार्यरत थे। ऐसे में प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और चुनौतियों से वे पहले से ही वाकिफ हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि उनके अनुभव से हालात में सुधार होगा।
बिहार से यूपी तक लंबा प्रशासनिक अनुभव
मूल रूप से बिहार के रहने वाले कृष्णा करुणेश यूपी में कई अहम पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वे गोरखपुर के जिलाधिकारी (DM) हापुड़ और बलरामपुर के DM गाजियाबाद में SDM और CDO कुशीनगर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जैसे पदों पर रह चुके हैं। कृष्णा करुणेश ने एमए की पढ़ाई की है और उनके पास एलएलबी की डिग्री भी है। प्रशासनिक गलियारों में उनकी गिनती तेज़-तर्रार और सख्त फैसले लेने वाले अधिकारियों में की जाती है। नए CEO के तौर पर कृष्णा करुणेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती नोएडा अथॉरिटी की छवि सुधारना, जवाबदेही तय करना और युवराज मेहता मामले से जुड़े सवालों का पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना होगा। प्राधिकरण में यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब जनता और सरकार दोनों की नजरें नोएडा प्रशासन पर टिकी हुई हैं।





