नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र का गुरुवार को चौथा दिन है। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र से कहा कि पहले वे बीच-बीच में सहयोग करते रहे, लेकिन अब विपक्ष के लगातार गड़बड़ करने पर उन्होंने साथ छोड़ने की बात कही। नीतीश ने स्पष्ट किया कि अब कभी आपके साथ नहीं आएंगे। आप लोग गड़बड़ कर रहे हैं। विपक्ष ने भी इसे गंभीरता से लिया और सदन में पलटवार किया, जिससे सत्र में राजनीतिक टकराव की स्थिति बढ़ गई है।
RJD ने नीतीश कुमार पर किया पलटवार
बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान के बाद आरजेडी ने भी कड़ा जवाब दिया। पार्टी के सचेतक कुमार सर्वजीत ने सदन में कहा कि “आपकी कौन सी बात हम लोग मानें? जब आप हमारे साथ होते हैं, तो कहते हैं कि बीजेपी संविधान खत्म कर देगी और जब बीजेपी के साथ जाते हैं, तो कहते हैं कि केंद्र सरकार बिहार का समर्थन कर रही है।” इस बयान ने विधानसभा में राजनीतिक बहस को और गरमा दिया और विपक्ष ने साफ किया कि वे मुख्यमंत्री के दावों पर सहमति जताने को तैयार नहीं हैं।
नीतीश कुमार ने सदन में गिनाए विकास के आंकड़े
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में अपने कामकाज और राज्य में किए गए विकास कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों से बिहार को आगे बढ़ाने का काम जारी है और जनता का आभार व्यक्त किया कि इस बार के विधानसभा चुनाव में लोगों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।
नीतीश ने बताया कि राज्य में अब डर का माहौल नहीं है, पहले जहां हिंदू-मुस्लिम के बीच झगड़े होते थे, अब स्थिति शांतिपूर्ण है। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई नए स्कूल खोले गए और अब नियोजित शिक्षकों की संख्या 5 लाख 20 हजार हो गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में 2006 से हॉस्पिटल में मुफ्त दवा और इलाज की व्यवस्था की गई है और पीएचसी में प्रति माह 11,000 से ज्यादा मरीज उपचार ले रहे हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। पीएमसीएच को 2,500 बेड का हॉस्पिटल और IGIMS को 3,000 बेड का हॉस्पिटल बनाया जा रहा है। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में कई पुल-पुलिया बनाए गए हैं, पटना तक आने का समय अधिकतम पांच घंटे है और पांच नए एक्सप्रेस-वे निर्माणाधीन हैं।





