नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हरदोई जिले की पुलिस ने सीतापुर में ह्यूमन ट्रैफिकिंग के शिकार 3 साल के मासूम बच्चे को आंध्र प्रदेश से बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जबकि मास्टरमाइंड की तलाश जारी है।
सीतापुर से अगवा कर 5 लाख में बेचा गया था मासूम
पुलिस के अनुसार, ह्यूमन ट्रैफिकिंग गिरोह ने 10 फरवरी को सीतापुर जिले से 3 साल के मासूम को अगवा कर लिया था। इसके बाद गिरोह ने बच्चे की तस्वीरें दिखाकर सौदा किया और 5 लाख रुपये में उसे बेच दिया। करीब एक महीने बाद पुलिस ने इस बच्चे को बरामद कर लिया।
गिरफ्तार महिलाएं और उनकी भूमिका
अतरौली थाना पुलिस ने इस मामले में पठान मुमताज उर्फ हसीना (निवासी विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश) और बिक्कोल बिजली निवासी ईस्ट गोदावरी, आंध्र प्रदेश को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि ये महिलाएं बच्चों को अगवा कर उनकी तस्वीरें संभावित खरीदारों को भेजती थीं और सौदा तय करती थीं।
तेलंगाना से हुआ मासूम का रेस्क्यू
पुलिस ने बच्चे को तेलंगाना से बरामद किया। मामले में मास्टरमाइंड मूड़ावती शारदा समेत अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। गौरी कला गांव में रहने वाला मासूम ऋतिक 20 फरवरी को अपनी मां के साथ मामा के घर तिलक समारोह में आया था। रात 8 बजे जब परिवार समारोह में व्यस्त था, तभी उसे अगवा कर लिया गया। घटना के बाद पुलिस ने अपर पुलिस अधीक्षक नृपेंद्र कुमार के नेतृत्व में कई टीमें बनाई थीं, जिन्होंने आखिरकार बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े एक अन्य मामले में सीतापुर जिले के अटरिया थाना क्षेत्र से अगवा किए गए 3 साल के आर्यन को भी बरामद कर लिया है
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ की जा रही है और पूरे ह्यूमन ट्रैफिकिंग नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी है। मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है। हरदोई और सीतापुर में हुए इन अपहरणों ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग गिरोहों की सक्रियता को उजागर कर दिया है। पुलिस की तत्परता से दो मासूम बच्चों की जिंदगी बच गई, लेकिन अभी भी ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है।





